कुरआन में दहेज मांगना गुनाह,फिर भी कुरआन कंठस्त कर चुके पति ने पैसों के लिए पत्नी को तलाक देकर कर ली दूसरी शादी

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देश में तीन तलाक कानूनन अपराध है। इसके बावजूद तीन तलाक की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। ताजा मामला किशनगंज का है, जहां एक हाफिज (कुरआन कंठस्त कर चुका ) ने अपनी 40 वर्षीय बीवी को तलाक देकर दूसरी शादी कर ली है। जबकि दहेज मांगना कुरआन के मुताबिक गुनाह है। उनके छह बच्चे भी हैं। महिला का कसूर सिर्फ इतना है कि वह और उसका परिवार हाफिज की दहेज की मांग पूरा नहीं कर पाया।

शादी के 17 साल बाद एक झटके में तोड़ दिया रिश्ता
मामला किशनगंज के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के कचालु टोला महादेवदिघी का है। पीड़िता नुजहत परवीन ने बहादुरगंज थाने में अर्जी देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उसकी शादी 17 साल पहले हाफिज जहूर आलम से हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की जाती रही। साथ ही हमेशा तीन तलाक की धमकी दी जाती रही।

पीड़िता ने थाने में आवेदन देकर लगाई इंसाफ की गुहार।

पीड़िता ने थाने में आवेदन देकर लगाई इंसाफ की गुहार।

जिन बच्चों को पैदा किया, उन्हें भी घर से निकाला
पीड़िता ने बताया कि उनके छोटे-छोटे 4 पुत्र व 2 पुत्रियां हैं। तीन तलाक देकर उनके पति ने सबको घर से बाहर निकाल दिया और दूसरी शादी कर ली है। विरोध करने पर उन्होंने बुरी तरह से मारपीट की है। पीड़िता नुजहत परवीन के मायके की तरफ से समाजसेवी फराग आलम, सरफराज इगल, शहनवाज बोस्को, शम्सी साहब, आजम शादमानी, आदिल शम्सी, कासिम कमर, असजद, शहाजहां अहमद और दिलवर आलम पीड़िता के भाई अजमल जब आरोपी हाफिज जहूर आलम के घर सामाजिक हल निकालने के लिए पहुंचे तो पीड़िता के पति व उनके परिजनों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिसकी सूचना पीड़िता द्वारा बहादुरगंज थाना पुलिस को दी गई।

तीन तलाक में सीधे गिरफ्तारी का प्रावधान
तीन तलाक में महिला की शिकायत या खून या शादी के रिश्ते वाले सदस्यों की शिकायत पर इसे संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानते हुए आरोपी की सीधी गिरफ्तारी का प्रावधान है। पड़ोसी या कोई अनजान शख्स इस मामले में केस दर्ज नहीं कर सकता है। कानून में समझौते के विकल्प को भी रखा गया है। पत्नी की पहल पर ही समझौता हो सकता है, लेकिन मजिस्ट्रेट के द्वारा उचित शर्तों के साथ। कानून के तहत मजिस्ट्रेट इसमें जमानत दे सकता है, लेकिन पत्नी का पक्ष सुनने के बाद। तीन तलाक पर कानून में छोटे बच्चों की कस्टडी मां को दिए जाने का प्रावधान है। पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण का अधिकार मजिस्ट्रेट तय करेंगे, जिसे पति को देना होगा।

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