पूर्णिया में सिपाही ने जुर्माना मांगा तो ड्राइवर भागने लगा,पुलिस ने ओवरटेक कर मधेपुरा में पकड़ा और कर दी पिटाई

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लॉकडाउन 3 का सख्ती से पालन करवाने के लिए पुलिस कई तरह के हथकंडे अपना रही है। जुर्माना वसूलने के चक्कर में पुलिस कई बार अमानवीय भी हो जाती है। ताजा मामला पूर्णिया और मधेपुरा के बार्डर का है। बुधवार को पूर्णिया में मोहनपुर ओपी की पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक पिकअप वैन को जांच के लिए रोका। पुलिस ने ड्राइवर से एक हजार रुपए जुर्माने की मांग की तो वह पिकअप लेकर भागने लगा। पुलिस को यह बात नागवार लगी और वह फौरन वाहन को पीछा करने लगे। दोनों भागते-भागते बार्डर पार कर मधेुपरा जा पहुंचे। पुलिस ने चौसा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के पास ओवरटेक पिकअप चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने लगी। ड्राइवर को इस तरह पिटाते देख ग्रामीण वहां पहुंच गए और विरोध करने लगे।

ग्रामीण उग्र होकर हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि महज एक हजार रुपए जुर्माना के लिए पुलिस के एक जवान ने बेरहमी से ड्राइवर की पिटाई कर दी। यह सरासर अन्याय है। मोहनपुर ओपी की पुलिस जुर्माना वसूलने के चक्कर में अपनी हदें भूल गई और सीमा लांघ कर दूसरे जिले पहुंच गई। वरीय अधिकारी इस मामले की जांच करे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करे।

घटना की जानकारी मिलते ही चौसा थाने की पुलिस पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत करवाया। चौसा थानेदार रविश रंजन ने बताया कि मामले को लेकर वरीय पदाधिकारी को जानकारी दी गई है। मोहनपुर ओपी की पुलिस से जानकारी मिली है कि पिकअप वैन ड्राइवर पुलिस को देखते ही भागने लगा। इसलिए पुलिस ने उसका पीछा किया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पिकअप वैन के ड्राइवर बताया कि मेरा घर भवानीपुर प्रखंड के सुपौली में स्थित है। बुधवार को जब मैं घर लौट रहा था तो रास्ते में मोहनपुर ओपी की पुलिस जांच अभियान चला रही थी। पुलिस को मैंने सारे कागजात भी दिखाए लेकिन पुलिस एक हजार रुपए जुर्माना की मांग की। मेरे पास एक रुपए नहीं थे इसलिए मैं भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने सोनबरसा गांव में ओवरटेक पकड़ लिया और बेरहमी से पिटने लगी। ड्राइवर ने वरीय पदाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। धमदाहा SDPOरमेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी। मोहनपुर ओपी प्रभारी रवि लाल साह ने बताया कि वाहन जांच के दौरान सिपाही द्वारा चालक को रोकने के लिए हाथ दिया गया था लेकिन वह भागने लगा। इस कारण पुलिस को शक हुआ और खदेड़ कर पकड़ लिया। ड्राइवर द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

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