मुफ़्ती अब्दुल हलीम साहब का इंतकाल, पैतृक गांव ददरी में होंगे सपुर्द ए खाक

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सीतामढ़ी | जिले के नानपुर प्रखंड अंतर्गत ददरी गांव निवासी व इस्लामिक धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल हलीम साहब का शनिवार देर शाम आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में इंतकाल हो गया,वे 86 वर्ष के थे,देश व विदेश में इस्लामिक धर्मगुरु के रूप में प्रसिद्ध थे।वे महाराष्ट्र के नागपुर में एक मदरसे को संचालित कर रहे थे।दावत इस्लामी संगठन के मुख्य भूमिका में थे।जिस के तहत देश के कई हिस्से में इस्लामिक शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।उनके इंतकाल के बाद देश भर में शोक की लहर दौड़ गई हैं।वे सीतामढ़ी के ददरी स्थित भी एक मदरसे को संचालित कर रहे थे।उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इस्लामी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यतीत किया।

उनके शव को पैतृक गांव लाया जा रहा है, यही सपुर्द ए खाक होंगे।

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