यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मनाया जा रहा विवाह पंचमी

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भगवान श्री राम के ससुराल जनकपुर में विवाह पंचमी पर श्रीराम-सीता की विवाह देखने जन सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के द्वार पर सभी देवी देवता के स्वरूप को स्थापित किया गया था। श्रीराम मंदिर तथा जानकी मंदिर के महंथ के साथ साधु संत ही राजा दशरथ व राजा जनक समेत वर व वधू पक्ष के परिजनों के परिवेश में सभी विधि को पूरा किया। जैसे ही धनुष टूटा फटाकों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। दरबाजा लगने के समय दुल्हा बने श्रीराम को देखने के लिए उमड़ी भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे ही मां सुनैना ने दामाद श्रीराम का परिछावन किया वातावरण आतिशबाजी से ढक गया। सोहर गाने वाली महिलाएं इतनी विभोर थी कि उन्हें लग रहा था साक्षात राम का दर्शन हो गया।

इस अवसर पर पूरे शहर में राम जानकी समेत विभिन्न देवी देवताओं की विशाल झांकी निकाली गई। एतिहासिक बारहबीघा मैदान से लेकर राम जानकी मंदिर तक लोगों की भीड़ रही। देर शाम मंदिर के बाहरी हिस्से में बने मड़वा पर विधिवत विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर मंदिर में उपनयन, अन्नप्राशन, नामाकरण, मुंडन व परिणय संस्कार किए गए। भजन कीर्तन की गूंज से जनकपुर धाम गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही गंगासागर व धनुषासागर दूधमती नदी में स्नान कर जानकी मंदिर, राम मंदिर, सहित अन्य मंदिरो में पूजा- अर्चना की। इस अवसर पर जनकपुर के जानकी मंदिर, राम मंदिर, रत्न सागर मठ, झूलन कुंज, सुन्दर सदन, विहार कुण्ड सहित सभी मठ मंदिरों में भंडारा का आयोजन किया गया है। भंडारे में भारत व अन्य देशों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने भोजन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम और माता जानकी विवाह पंचमी के अवसर पर जनकपुर में पहुंचकर योगी जनकपुर मंदिर में पूजन-अर्चन किये । इसके बाद वह मधेशी आवास में जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अन्य विषयों पर चर्चा किए साथ ही उन्होंने कहा चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि यह उनकी पहली सांस्कृतिक यात्रा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4-लेन राम-जानकी मार्ग पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। इस मार्ग के निर्मित हो जाने से परिवहन और आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। भविष्य में अयोध्या और जनकपुर के सम्बन्ध में ट्विन सिटी एमओयू हस्ताक्षरित करने की बात कही गई। मीडिया प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या-जनकपुर सीधी बस सेवा प्रारम्भ की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत-नेपाल सम्बन्धों को नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि राम-जानकी मार्ग से दोनों राष्ट्रों के सम्बन्धों को और मजबूती मिलेगी। अयोध्या-जनकपुर धाम सेवा तथा राम-जानकी मार्ग से विकास की नई यात्रा आरम्भ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल और भारत के सांस्कृतिक तथाआध्यात्मिक सम्बन्ध पौराणिक समय से चले आ रहे हैं, जो भविष्य में और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि राम-जानकी मार्ग और बस सेवा के जरिए श्रद्धालु भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या धाम तथा माता जानकी की जन्मस्थली जनकपुर धाम के बीच की दूरी को सरलता और सुविधापूर्ण ढंग से तय कर सकेंगे।

यह हमारी विरासत के प्रतीक हैं। महाराजा दशरथ और राजा जनक का अटूट सम्बन्ध था। उसी प्रकार अयोध्या का जनकपुर और काठमाण्डू का काशी के साथ अटूट सम्बन्ध है। योगी ने कहा कि अयोध्या में पिछले 2 साल से दीपोत्सव का भव्य और दिव्य आयोजन किया जा रहा है। अयोध्या के विकास एवं सौन्दर्यीकरण की अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने गत 6 नवंबर को दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला श्रीमती किमजोंग-सुक के साथ अयोध्या में एक विशाल प्रतिनिधिमंडल के दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने की चर्चा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है। राज्य सरकार के प्रयासों से इन सम्बन्धों को और मजबूती मिलेगी।

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