शहर में पहली बार व्हाट्सएप का क्लोन बनाकर ठगी की साजिश, एक साथ कई डॉक्टरों को भेजा गया मैसेज

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पटना के 140 डॉक्टर साइबर अपराधियों के रडार पर हैं। पटना के ही एक चर्चित डॉक्टर के व्हाट्सएप का क्लोन बनाकर प्लानिंग की जा रही है। साइबर अपराधियों ने रविवार से लेकर अब तक 140 से अधिक डॉक्टरों को मैसेज भेजकर पैसे की डिमांड करने के साथ ब्लैकमेलिंग की कोशिश की है।

पहली बार ऐसा हुआ है जब व्हाट्सएप का क्लोन बनाकर ठगी का प्रयास किया गया है। पीड़ित डॉक्टर राजीव कुमार सिंह ने DGP के साथ पुलिस पटना SSP से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वह पटना के साईं फीजियोथेरेपी एंड वेलनेस सेंटर के निदेशक के साथ जनता दल यूनाइटेड के चिकित्सा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भी हैं।

व्हाट्सएप के जरिए भेजा रहा मैसेज।

व्हाट्सएप के जरिए भेजा रहा मैसेज।

ठगी के लिए हर तरह से बिछाया गया था जाल

साइबर अपराधियों ने डॉ राजीव कुमार सिंह का व्हाट्सएप जिस नंबर से क्लोन किया है वह ट्रू कॉलर में डॉ राजीव कुमार सिंह के नाम से एक्टिव है। आशंका है कि साइबर अपराधियों पीड़ित डॉक्टर की ID से ही मोबाइल नंबर जारी कराया है और फिर पूरी योजना के साथ पटना के डॉक्टरों से ठगी व ब्लैक मेलिंग के लिए जाल बिछाया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि किसी को शक होने पर वह ट्रू कॉलर पर डायल करते ही डॉ राजीव कुमार सिंह का नाम दिख जाए। ऐसा हुआ भी है, जिन डॉक्टरों को शक हुआ वह ट्रू कॉलर में सर्च कर विश्वास कर लिए हैं। पीड़ित डॉक्टर का सर्किल बड़ा है और इसमें से लगभग 50% डॉक्टरों को 24 घंटे में पैसेज के साथ ब्लैक मेलिंग के लिए मैसेज भेजा गया है।

डॉक्टर राजीव कुमार सिंह के नाम पर फेसबुक पर बनाया क्लोन।

डॉक्टर राजीव कुमार सिंह के नाम पर फेसबुक पर बनाया क्लोन।

फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप तक सबका बनाया क्लोन

फेसबुक का क्लाेन बनाकर मैसेंजर के जरिए पैसा मांगने के मामले तो बहुत आए, लेकिन बिहार में पहली बार ऐसा मामला आया है जब व्हाट्सएप का क्लाेन तैयार कर ठगी के साथ ब्लैक मेलिंग की कोशिश की गई है। डॉ राजीव सिंह का कहना है कि सोमवार सुबह जब लगातार डॉक्टरों का फोन आने लगा तो वह दंग रह गए। वह समझ ही नहीं पाए। पहले तो उन्हें लगा कि उनके मोबाइल से ही कोई गड़बड़ी हुई है, लेकिन बाद में पता चला कि इसमें साइबर अपराधियों का काम है।

अपराधियों ने डॉक्टर के फेसबुक और व्हाट्सएप का क्लोन बनाया और उसके बाद हर तरह से लोगों को मैसेज भेजने लगे। अपराधियों ने ऐसा इसलिए किया ताकि लोगों को भरोसा हो जाए कि डॉ राजीव की तरफ से ही मैसेज किया जा रहा है। डॉक्टर राजीव का कहना है कि उनका सर्किल बिहार में काफी बड़ा है। पटना से लेकर मुम्बई तक उनका संबंध है।

मुम्बई तक भेजा गया पैसे के लिए मैसेज

डॉ राजीव का कहना है कि भारतीय खिलाड़ियों के साथ फिल्मी कलाकारों से उनके अच्छे संबंध हैं। वह आधुनिक फिजियोथेरपी चिकित्सा के कारण कई खिलाड़ियों और कलाकारों में चर्चा में रहते हैं। उनका कहना है कि मुम्बई से सूचना मिली है कि वहां भी मैसेज भेजा गया है और पैसे की डिमांड की गई है। हालांकि, डॉक्टर राजीव अभी यह नहीं बता पा रहे हैं कि मुंबई में कितने लोगों को मैसेज भेजा गया है।

पहले भी हो चुकी है डॉक्टरों से ठगी की कोशिश

पटना में डॉक्टरों के साथ ठगी के प्रयास पहले भी हो चुकी है। पटना के प्रमुख आर्थो सर्जन डॉ अमूल्य सिंह के बैंक खाते से क्लोन चेक के सहारे ठगी की कोशिश की गई थी। डेढ़ साल पूर्व पटना के कई डॉक्टरों के साथ इस तरह से ठगी की कोशिश की गई थी। डॉक्टर अमूल्य सिंह के साथ ठगी का मामला बैक शाखा के प्रबंधक के कारण बच गया। बैंक मैनेजर से डॉक्टर के अच्छे संबंध थे इस कारण से इसका खुलासा हो गया।

बनारस गए थे घूमने, मिर्जापुर के नंबर से बना क्लोन

पटना के डॉ राजीव कुमार सिंह 8 जुलाई को पटना से वाराणसी घूमने गए थे। इस दौरान वह 9 जुलाई को मिर्जापुर भी घूमने गए। वह 10 जुलाई के बाद वापस आए। इस दौरान वह जिन होटलों में ठहरे वहां ID दी। पटना पहुंचे और उनके नाम से ठगी की पूरी जाल तैयार हो गई।

डॉ राजीव का कहना है कि वह इस घटना की शिकायत DGP और पटना पुलिस के अधिकारियों को कर दिए हैं। डॉ राजीव का कहना है कि उन्होंने जो अपने स्तर से पड़ताल कराई है उसमें यह पता चला है कि मिर्जापुर का ही नंबर है जो उनके व्हाट्सएप से क्लोन किया गया है। डॉ राजीव ने DGP से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है जिससे उनके सर्किल के डॉक्टर किसी ठगी या ब्लैमेलिंग का शिकार होने से बच जाएं।

घटना से आप भी हो जाएं अलर्ट

डॉक्टर राजीव के साथ हुई घटना से सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है क्योंकि यह अपने आप में नया है। पहली बार व्हाट्सएप का क्लाेन बनाकर ठगी और ब्लैकमेलिंग के प्रयास का पहला मामला सामने आया है। आशंका है कि डॉक्टर राजीव बनारस और मिर्जापुर घूमने गए वहां होटलो में ID दी उसी शहर से रजिस्टर्ड नंबर से उनके व्हाट्सएप का क्लोन बनाया गया, ऐसे में बाहर ID देते समय भी सावधान रहें। कहीं भी आपकी ID से साइबर अपराधी ठगी का जाल तैयार कर सकते हैं।

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