सीतामढ़ी के डिग्री कॉलेजों के लाइब्रेरी का खस्ता हाल,बहाली अब नही तो कब : परवेज़ आलम

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सीतामढ़ी :- ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन के सेक्रेटरी परवेज़ आलम ने बयान जारी कर सूबे के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के लाइब्रेरी के खस्ता हाल पे काफी रोष जताया,लाइब्रेरी तो है लेकिन ना तो पर्याप्त मात्रा में किताबे है और ना ही पत्र-पत्रिका जिससे स्टूडेंट को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है,परवेज़ आलम ने मीडिया से कहा अपने तिरहुत प्रमंडल के बी.आर.ए.बिहार यूनिवर्सिटी के,सीतामढ़ी में 5 कॉलेज है लेकिन एसआरकेजी कॉलेज को छोड़ दिया जाए बाकी 4 कॉलेजों में लाइब्रेरियन न होने से लाइब्रेरी में ताला जरा रहता है।

पीजी डिपाटमेंट की बात करे तो अभी 22 विभाग चल रहे है लेकिन काफी दुख के साथ कहना पर रहा है की 22 विभागों में कई वर्षो से सहायक लाइब्रेरियन के पद रिक्त हैं,जबकि शोधार्थी में भी काफी रोष है लाइब्रेरी में किताबो का ना रख-रखाव हो पता ना सही संचालन,किताबो को दीमक खा रही है।

37 कॉलेजों में क्लर्क और चपरासी चला रहे है

लाइब्रेरी वही महाविद्यालयो की बात करे तो बिहार यूनिवर्सिटी के अंतर्गत 42 अंगीभूत कॉलेज है जिसमे सहायक लाइब्रेरियन के 10 पद स्वीकृत में से अभी भी 9 पद रिक्त जबकि लाइब्रेरियन 5 कॉलेजों में है शेष 37 कॉलेजों में पद रिक्त पड़े है,कॉलेज और पीजी विभागों में लाइब्रेरियन के बिना लाइब्रेरी में किताबे मिलना तो दूर की बात है,लाइब्रेरी सही पर समय खुलती भी नहीं है,विवि प्रशासन कुलपति, प्रो.विसी,रजिस्ट्रार इन सभी आला अधिकारियों को कई बार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मिल कर लाइब्रेरी के समस्या से अवगत कराया लेकिन लाइब्रेरी के हित में कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठा है।

सचिव परवेज़ आलम ने ये भी कहा कि एक तरफ लाइब्रेरी को डिजिटल करने की बात चल रही है साथ ही साथ नैक भी होना है विश्वविद्यालय का जिसमे लैब और लाइब्रेरी का बेहतर ग्रेडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका होता है वही दूसरी तरफ एक भी पीजी विभाग में लाइब्रेरियन नही है डिजिटल तो छोड़िए,वही कॉलेजों का भी लगभग यही स्थिति है,वही पीजी शिक्षक संघ और बुस्टा संघ प्रो बिपिन राय एवं प्रो विवेकानंद शुक्ला ने भी लिखत रूप में कुलपति महोदय को लाइब्रेरी के खस्ता हाल को नैक से पहले सुदृढ़ करने एवं लाइब्रेरियन की कमी को पूरा करने का आग्रह कर चुके है,कुलपति महोदय अभी भी आंख नहीं खोली तो नैक में यूनिवर्सिटी का बुरा प्रभाव पड़ेगा विवि प्रशासन के द्वारा बार-बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है जिससे लाइब्रेरियन डिग्रीधारी ने लॉकडॉन के बाद आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा!

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