पलटवार / लालू ने फेसबुक पोस्ट कर कहा- लालटेन रोशनी का प्रतीक, तीर खतरनाक

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पटना. चारा घोटाला मामले में सजा मिलने के बाद से जेल में बंद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार किया है। लालू ने कहा- मुख्यमंत्री अपनी चुनावी सभाओं में लालू-राबड़ी राज के 15 साल लोगों को याद दिलाते हैं। साथ ही कहते हैं कि अब लालटेन (राजद का चुनाव चिह्न) की जरूरत नहीं बची। लालू ने अपने पोस्ट में लालटेन को रोशनी का प्रतीक बताया है। उन्होंने जदयू के चुनाव चिह्न तीर को घातक बताया है।

यह है लालू यादव का फेसबुक पोस्ट

“सुनो छोटे भाई नीतीश,

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तुम्हें आजकल उजालों से कुछ ज्यादा ही नफरत सी हो गई है। दिनभर लालू और उसकी लौ लालटेन-लालटेन का जाप करते रहते हो। तुम्हें पता है कि नहीं, लालटेन प्रकाश और रोशनी का पर्याय है। मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक है। गरीबों के जीवन से तिमिर हटाने का उपकरण है। हमने लालटेन के प्रकाश से गैरबराबरी, नफरत, अत्याचार और अन्याय का अंधेरा दूर भगाया है और भगाते रहेंगे। तुम्हारा चिह्न तीर तो हिंसा फैलाने वाला हथियार है। मार-काट व हिंसा का पर्याय और प्रतीक है।

और हां जनता को लालटेन की जरूरत हर परिस्थिति में होती है। प्रकाश तो दिए का भी होता है। लालटेन का भी होता है और बल्ब का भी होता है।

बल्ब की रोशनी से तुम बेरोजगारी, उत्पीड़न, घृणा, अत्याचार, अन्याय और असमानता का अंधेरा नहीं हटा सकते। इसके लिए मोहब्बत के साथ खुले दिल और दिमाग से दिया जलाना होता है। समानता, शांति, प्रेम और न्याय दिलाने के लिए खुद को दिया और बाती बनना पड़ता है। समझौतों को दरकिनार कर जातिवादी, मनुवादी और नफरती आंधियों से उलझते व जूझते हुए खुद को निरंतर जलाए रहना पड़ता है। तुम क्या जानो इन सब वैचारिक और सैद्धांतिक उसूलों को। डरकर शॉर्टकट ढूँढना और अवसर देख समझौते करना तुम्हारी बहुत पुरानी आदत रही है।

 

और हां तुम कहां मिसाइल के जमाने में तीर-तीर किए जा रहे हो? तीर का जमाना अब लद गया। तीर अब संग्रहालय में ही दिखेगा। लालटेन तो हर जगह जलता दिखेगा और पहले से अधिक जलता हुआ मिलेगा क्योंकि 11 करोड़ गरीब जनता की पीठ में तुमने विश्वासघाती तीर ही ऐसे घोंपे है। बाकी तुम अब कीचड़ वाले फूल में तीर घोंपो या छुपाओ। तुम्हारी मर्जी…

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