परिहार ब्लॉक में बना जलमीनार से लोगों एक बून्द पानी नही मिल रहा

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उद्घाटन के तीन साल बाद भी एक बुंद जल नसीब नही

— *ऊची दुकान फीकी पकवान*

परिहार | राष्ट्रीय ग्रामीण पाईप जलापूर्ति योजना मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सफल नहीं हो पा रही है. लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से पीएचइडी द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया गया. लेकिन उक्त मीनार शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. जलमीनार निर्माण के समय लोगों को उम्मीद जगी थी कि प्रखंड मुख्यालय सहित आस-पास क्षेत्रों में आयरन मुक्त पेयजल नसीब होगा. लेकिन आलम यह है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी यहां के लोग दूषित (लौह युक्त) पानी पीने पर विवश हैं. जबकि स्वच्छता एवं पेयजल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है. यह जल मीनार प्रखंड की कुव्यवस्था का ज्वलंत उदाहरण बन कर रह गया है. गौरतलब है कि जल मीनार निर्माण 2013 मे बन कर तैयार हो गया . फिलवक्त लोगों के लिए यह जलमीनार सफेद हाथी के समान साबित हो रहा है. स्थानीय लोगों को एक बूंद भी शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है. जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है. शुद्ध पेयजल के लिए आस में बैठे हैं जल मीनार में विभिन्न प्रकार के संयंत्र ट्रांसफॉर्मर लगाये गये है.

ऊंची दुकान फीकी पकवान वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है परिहार का तीन जल मीनार जिसमे प्रखंड मुख्यालय, सिरसिया बाजार व नोनाही का जलमीनार सामील है.मालूम हो की राष्ट्रीय ग्रामीण पाईप जलापूर्ति योजना के तहत एक जलमीनार 198.82 करोड़ के लागत से प्रखंड मुख्यालय मे बनाया गया।इसका उद्घाटन विधिवत रुप से 20 जुलाई 2016 को हो चुका है लेकिन अबतक एक बुदं पानी नसीब नही हो सका है.

*क्या है कहना अभियंता का*

लोकस्वास्थ्य अभियंता मनेजर राम ने बताया की पाईप स्पलाई का कार्य किया जा रहा है जल्द ही जल की आपूर्ति चालू किया जायेगा।

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