पटना : 15 अगस्त 2020 के पहले राज्य के हर घर में लगेंगे प्रीपेड मीटर

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पटना .मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिजली कंपनी को 15 अगस्त 2020 के पहले राज्य के हर घर तक प्रीपेड मीटर पहुंचाने का टास्क सौंपा है। कहा कि ऐसा करने से न केवल बिजली बिल से संबंधित गड़बड़ियां दूर होंगी, बल्कि बिजली हानि भी नियंत्रित होगी। लोग जरूरत के अनुसार बिजली जलाएंगे।

उन्होंने भविष्य में सोलर ऊर्जा पर काम करने और लोगों तक अक्षय ऊर्जा पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया। कहा कि अक्षय ऊर्जा ही बेहतर विकल्प होगा और जरूरतें पूरी करने में सक्षम भी। नीतीश, मंगलवार को अधिवेशन भवन में 692 करोड़ के प्रोजेक्ट के उद्घाटन, शिलान्यास के बाद इंजीनियरों, कर्मियों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि बिजली बिल अभी भी बड़ी समस्या है और लोग परेशान हैं। इसका निदान प्रीपेड मीटर ही है। उन्होंने हर घर नल का जल योजना को लेकर वार्डों में होने वाले बोरिंग में सबसे पहले प्रीपेड मीटर लगाने का भी निर्देश दिया।

सीएम बोले-जरूरत पड़े तो नए नियम बनाएं, पैसे की कमी नहीं

सीएम ने बिजली कंपनी के काम को सराहा। कहा कि अब उनकी कंपनी से तीन अपेक्षा है। प्रीपेड मीटर के अलावा इस वर्ष के अंत तक इच्छुक किसानों को कृषि फीडर से बिजली व प्रदेश के जर्जर तार बदले जाएं। यही लक्ष्य लेकर काम हो। उन्होंने कंपनी को किसी तरह की आर्थिक परेशानी न होने का भरोसा दिया और कहा कि जरूरत पड़े तो नए नियम भी बनाएं। पैसे की कोई कमी नहीं है। खर्च में कटौती नहीं की जाएगी।

चुनाव प्रचार के दौरान जहां कमी देखी, उसे देखने फिर निकलूंगा :नीतीश ने कहा कि उन्होंने लोस चुनाव के दौरान 171 सभाएं कीं और इस दौरान उन्होंने सिर्फ लोगों को संबोधित ही नहीं किया बल्कि वहां की कमियों को भी देखा। कहा-नए सिरे से यह सब देखने के लिए मैं फिर उन इलाकों में जाऊंगा। हम सिर्फ भाषण नहीं देते, काम भी करते हैं। सीएम ने कहा कि हमें हर हाल में बिहार के पुराने गौरव का पाना है और इसके लिए वे प्रयास करते रहेंगे। याद करें कि पहले कैसा बिहार था और आज हम कहां हैं? आज के बच्चे तो इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते।

…हरनौत में भी रहती थी 14 घंटे बिजली :नीतीश ने पुराने दिन याद करते हुए बताया कि इमरजेंसी के दौरान उन्हें हरनौत के एक गांव में रहना पड़ा। उस समय भी वहां 14-15 घंटे बिजली थी। पर, धीरे-धीरे बिजली की स्थिति बदतर होती चली गई। बीच में तो तार तक की चोरी होने लगी थी।

कुछ लोगों को कुछ भी बोलने की आदत :सीएम ने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें कुछ भी बोलने की आदत है। कुच्छो बोल दीजिए, बोलते रहिए। मैं कहने में नहीं करने में विश्वास करता हूं। 2005 से जनसेवा का जो लक्ष्य लेकर चला, उसे पूरा करने में लगा रहा।

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