काराकाट : बहना को पलकों पर बिठाकर रखते थे शहीद कमांडो निराला, साथी जवानों ने अपने हाथों पर विदा किया

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  • बहन को विदा करते गरूड़ कमांडो के जवान।

काराकाट. महाभारत काल के बाद एक ऐसी भी शादी हुई, जिसमें एक के बदले ‘सौ भाइयों’ ने बहन को विदा किया। एयरफोर्स जवानों ने इस शादी में बहन को उसके शहीद भाई की कमी महसूस नहीं होने दी। गरूड़ कमांडाे शहीद निराला की बहन को निराला के साथियों ने अपनी हथेलियां बिछाकर विदा किया।

बदिलाडीह में शहीद गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन शशि कला की शादी में उसे गांव की परम्परा के अनुसार एयरफोर्स जवानों ने हथेलियों पर रख विदा किया। इस शादी में देश की शान माने जाने वाली एयर फोर्स के आईएएफ गरुड़ कमांडो की टीम ने न सिर्फ बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, बल्कि कई स्नेहिल क्षणों से सबको भावुक कर दिया।

शहीद निराला के पिता तेजनारायण सिंह ने गरुड़ कमांडो के इस टीम के प्रति अपना आभार जताते हुए कहा कि मेरे घर पहुंचे जवान मेरे निराला जैसे ही थे। निराला की शहादत उड़ी हमले में हुई थी। शशिकला की शादी पाली रोड डेहरी निवासी उमाशंकर यादव के पुत्र सुजीत कुमार के साथ हुई। शादी के पूरे आयोजन में पहुंचे एयरफोर्स के जवानों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

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