सऊदी अरब के नेड़िया जंगल में बंधक है परिहार का हन्नान, परिवार में छाई मायूसी

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SITAMADHI : नौकरी की तलाश के लिए करीब दो साल पहले कुवैत गए मोहम्मद हन्नान अंसारी को उसके मालिक (कफील) ने गैरकानूनी ढंग से सऊदी अरब के नेड़िया जंगल में बंधक बनाकर रखा है. हन्नान के परिजनों को जब से इस बात की खबर मिली है, तब से उसके घर में मायूसी है. परिहार प्रखंड के परसा पंचायत स्थित इंदरवा गांव निवासी मोहम्मद हन्नान अंसारी के पिता इस्लाम अंसारी ने कहा कि उनके बेटे ने अपने मित्र के मोबाइल से फोन किया था और पूरी आपबीती सुनाई. हन्नान की पत्नी नसीमा खातून ने बताया कि उनके पति की तबियत काफी खराब है और वह चलने-फिरने में मजबूर है. इसके बावजूद उनको जबरन सऊदी अरब के जंगल में बंधक बनाकर रखा गया है. उनसे रेगिस्तान में भेड़-बकरी चरवाया जाता है. इतना ही नहीं उसका मालिक यह धमकी देता है कि अब भारत उसका का लाश ही जाएगा. नसीमा खातून ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि उनके पति को सकुशल देश वापस लौटाने के लिए जरूरी कदम उठाया जाये.

परिवार का दर्द

हन्नान की सबसे छोटी बेटी नूर फातिमा 2 साल की है, जो उसके कुवैत जाने के बाद पैदा हुई थी. हन्नान की पत्नी नसीमा खातून की आंखें यह बताते छलक जाती हैं कि नूर फातिमा को शायद अब उसके अब्बा का प्यार न मिल सके. हन्नान को चार बेटियां और एक बेटा है. सबसे बड़ी बेटी रुक़ैया (17 वर्ष ) आठवीं में पढ़ रही है, वहीं सुमैय्या (11 वर्ष ), कुल्सुम (7 वर्ष) और फ़ैजान आलम (5 वर्ष) है.

कर्ज के बोझ से दबा परिवार

हन्नान का परिवार गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने को मजबूर है. इस परिवार का एक मात्र सहारा हन्नान है. करीब दो साल पहले 90 हजार रुपए कर्ज लेकर उसके पिता इस्लाम अंसारी ने नौकरी के लिए कुवैत भेजा था. लेकिन उन्हें पता नहीं था कि उनके बेटे के जान पर बन आएगी. इस्लाम अंसारी बताते हैं कि हन्नान को कुवैत भेजने के लिए जो कर्ज लिया था, वह अब तक नहीं चुका पाए हैं. ऊपर से अब इस बात का डर सता रहा है कि कहीं अपने इकलौते बेटे को न खो दें.

विदेश मंत्री से मदद की गुहार

सीतामढ़ी जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है और मोहम्मद हन्नान अंसारी को भारत वापस लाने में मदद करने की गुहार लगाई है. इस संबंध में मो. शम्स ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात भी की है. शम्स ने कहा कि देश में टूर एंड ट्रेवल्स के नाम पर कुछ ऐसी कंपनियां काम कर रही हैं, जो नौकरी दिलाने के नाम पर मानव तस्करी को अंजाम दे रही हैं. यह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक स्थिति है. भारत सरकार को विदेश में नौकरी दिलाने की आड़ में चल रहे इस तरह के गोरखधंधा पर लगाम लगाने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए.

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