हम लोगों को बचाइए नीतीश बाबू, जिंदगी नरक हो गई है,भूखे हैं… न पैसा- न खाना, कैसे लौटें घर?

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आरा. रोजी-रोटी कमाने देश के विभिन्न राज्यों में गए या रहने वाले काफी संख्या में बिहारी दूसरे राज्यों में फंस गए हैं। इनमें भोजपुर जिले के भी हजारों परिवार शामिल हैं। लॉकडाउन के बाद विभिन्न राज्यों में इनकी हालत बदतर हो गई है। दुख-दर्द इनकी नीयती बन गया है।

हालत न घर की-न घाट वाली हो गई है। इनके पास न खाने का जुगाड़ है, न खरीदने को पैसा। बच्चों को दूध नहीं मिल रहा। न ये बिहार अपने घर लौट पा रहे। ऐसे में दैनिक भास्कर ने विभिन्न राज्याें में फंसे बिहारियों-भोजपुरियों से बातचीत कर उनका दुख-दर्द जाना। इनलोगों ने कहा- आपलोग हमारी बात बिहार सरकार तक पहुंचाइए। नीतीश बाबू हम पर रहम कर हमें बचाइए। हमसब फंस गए हैं। हमारी जिंदगी अब नरक हो चली है। इस पर दैनिक भास्कर की तरफ से बिहारियों-भोजपुरियों को भरोसा दिया गया कि अखबार आपकी पीड़ा के साथ है।

नीतीश बाबू हम पर रहम करिए, हमें बचाइए
राजस्थान के जाेधपुर जिला के बासनी थाना क्षेत्र में संगरिया फाटा पुलिस चौकी के पास फंसे हैं। लकड़ी मिल में 8 दिन से 80 मजदूर फंसे हैं। इनमें बिहार व भोजपुर जिले के लोग हैं। आरा शहर के धरहरा निवासी रविकांत पासवान व मनीष समेत दर्जनों मजदूरों ने बिलखते हुए कहा कि हम मजदूरों को किसी तरह से बिहार के हमारे गांवों में ले चलिए। हमारी जिंदगी अब नरक हो चली है। आपलोग हमारी बात को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व भोजपुर जिला प्रशासन तक पहुंचाईए। अब हमारे पास खाने-पीने के सामान और पैसे समाप्त हो रहे हंै। बच्चाें काे भूखों रहने की स्थिति आ रही है। 20 मार्च से मिल में कार्य बंद हो जाने के बाद इन सभी के पास रखे भोजन के अनाज व पैसे समाप्त हो चुके हंै। जोधपुर में कई लोगों से कहा गया, पर किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। थक- हार कर दिल्ली व बिहार के कई कंट्रोल नंबरों पर संपर्क किया। इसके बाद भी कोई हल अब तक नहीं निकला है। यहां की पुलिस हमें बाहर नहीं निकलने देती। यहां फंसे हैं धरहरा निवासी विकास पासवान, जगदीशपुर के दावां निवासी चंदन शर्मा, बिहिया के कामेश्वर पासवान समेत ओमप्रकाश पासवान, गणेश पासवान, छोटक पासवान.

झरिया में 5 मजदूर फंसे

झारखंड के धनबाद जिले में झरिया होरलाडीह, चिमनी बाबा के मजार के पास 19 मार्च से ही भोजपुर जिले के पांच, पटना जिला के बख्तियारपुर के एक व सहरसा के एक मजदूर फंसे हुए है।ं ये सातों मजदूर चिमनी बाबा के मजार के पास ही ितरपाल लगाकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे है। भोजपुर जिला के जगदीशपुर थाने के जगदीशपुर वार्ड नंबर- 05 के खपटहा मुहल्ला निवासी अलाउ्द्दीन ने बताया कि हमलोग 6 की संख्या में चिमनी बाबा के मजार के मेला में आए थे। यहां पर हमलोंग किसी तरह तिरपाल लगाकर गुजारा कर रहे है। हमारे साथ कोईलवर थाना के अंतर्गत डुमरिया गांव के मुन्ना कुमार यादव, सहरसा के राजकुमार साह, कामेश्वर साव, पटना जिला के बख्तियारपुर निवासी मनोज सिंह सहित बड़हरा व संदेश के भी दो साथी फंसे हुए हैं। भोजन मिलना मुश्किल हो रहा है। मनोज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी किसी तरह हमे यहां से अपने घर पहुंचाने का काम करे। क्योंकि यहां हम कितने दिन फंसे रहेंगे। इंतेजामिया कमिटी के मंेबर अब्बु सईद ने बताया कि हमसे जो भी बन पड़ रहा है सहयोग कर रहे है।

कोलकाता से 6 ट्रक में छिपकर छपरा जा रहे 200 लोग भोजपुर में पकड़ाए, मानवता के आधार पर जाने दिया घर

लॉकडाउन के कारण पश्चिम बंगाल के कोलकाता महानगर से छह ट्रकों में छिपकर बैठे सारण जिले के करीब 200 लोगों को भोजपुर जिले के पुलिस-प्रशासन ने पकड़ लिया। ये लोग कोलकाता से 27 मार्च को ट्रकों में इमरजेंसी फूड सप्लाई का पोस्टर लगाकर चले थे। ये झारखंड के रास्ते गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल जिले होते हुए सड़क मार्ग से 28 मार्च को सोन नदी पुल पारकर भोजपुर जिले में प्रवेश किए। इस बीच, सहार प्रखंड में चेकपोस्ट पर ट्रकों का काफिला देख प्रशासन को शक हुआ। इसके बाद यह खुलासा हुआ। इस दौरान अधिकारियों ने चालकों को पीटा। बाद में बिना इन लोगों की मेडिकल जांच कराए छपरा के लिए छोड़ दिया गया। लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद दिहाड़ी मजदूर अपनी जान जोखिम में डाल ट्रकों में भरकर घरों को लौट रहे हैं। शनिवार की शाम सहार- अरवल सोन पुल के चेकपोस्ट पर सैकड़ों की संख्या में ले जा रहे मजदूरों से भरे ट्रकों को भोजपुर की सीमा में सहार थाना के द्वारा रोका गया।

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