NIA ने हैदराबाद के दो सगे भाई को अरेस्ट किया,शीशी में लिक्विड फॉर्म में थी IED,पाक में ली थी बनाने की ट्रेनिंग

0
391
Share

17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए पार्सल ब्लास्ट मामले में NIA के हाथ पहली और बड़ी सफलता लगी है। हैदराबाद से दो सगे भाई मो. इमरान खान उर्फ इमरान मलिक और नासिर खान उर्फ नासिर मलिक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तेलंगाना पुलिस की इंटेलिजेंस टीम की तरफ से मिले इनपुट के आधार पर की गई है।

NIA के अनुसार दोनों भाई आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा से जुड़े थे और पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर ब्लास्ट की प्लानिंग की थी। इनका मकसद पैसेंजर्स से भरी रनिंग सिकंदराबाद-दरभंगा स्पेशल ट्रेन में ब्लास्ट करना था, जिससे भारी जानमाल का नुकसान होता। कपड़े के बंडल में जो 100ML की शीशी मिली थी, उसके अंदर लिक्विड फॉर्म में IED थी। पकड़ा गया नासिर मलिक इसका एक्सपर्ट है।

नासिर ने पाकिस्तान में ली है केमिकल से IED बनाने की ट्रेनिंग

तेलंगाना पुलिस की इंटेलिजेंस सेल के पास इनपुट थी कि इमरान मलिक और नासिर मलिक आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा से जुड़े हैं। ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए इनके मूवमेंट के बारे में पता किया जा रहा था। कई दिनों से कड़ी नजर रखी जा रही थी। फिर फुलप्रुफ प्लान के तहत दोनों को हैदराबाद से ही पकड़ा गया।

NIA का दावा है कि ये दोनों लश्कर की सीमा पार से बनाई गई एक बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। नासिर मलिक साल 2012 में पाकिस्तान गया था। वहीं इसने केमिकल से IED बनाने की ट्रेनिंग ली थी।

मूल रूप से शामली के रहने वाले हैं दोनों भाई

बिहार से लौटने के बाद से ही NIA की एक टीम हैदराबाद में कैंप कर रही है। पकड़े गए दोनों भाई से पूछताछ चल रही है। इन दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाया जाएगा और पटना के NIA कोर्ट में पेश किया जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि दोनों भाई कपड़े के कारोबारी हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले हैं। लेकिन, पिछले कई सालों से हैदराबाद में रहकर अपना कारोबार चला रहे थे।

लेडीज सूट से सामने आई कई जानकारियां

सूत्रों से जो पता चला है कि उत्तर प्रदेश के कैराना से जिस सलीम को पकड़ा गया था, उसके कांटैक्ट पाकिस्तान के इकबाल काना से थे। वो लगातार उसके संपर्क में था। दरभंगा में हुए ब्लास्ट की जिम्मेवारी ISI से सलीम को मिली थी। फिर इसने आगे के काम के लिए हैदराबाद के रहने वाले दोनों भाई मो. इमरान मलिक और नासिर मलिक को सौंपा। जांच और पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि पूर्व में दोनों भाई आतंकी संगठन सिमी के लिए भी काम कर चुके हैं। इसके लिए एक बड़ी रकम की फंडिंग की गई है।

दरभंगा ब्लास्ट के बाद जब रेल पुलिस और RPF की टीम ने उस बंडल को खंगाला था, जिसके अंदर ब्लास्ट हुआ था, तो उसमें लेडिज सूट ही रखे हुए थे। इस मामले में अब उत्तर प्रदेश के ही शामली के कुछ नामी लेडीज सूट कारोबारियों के नाम सामने आए हैं, जिनके बारे में अब NIA की टीम पड़ताल कर रही है। इस बारे में दो लोगों से पूछताछ भी चल रही है।

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here