NMCH के अधीक्षक ने लिखा- मुझे पदमुक्त कर दीजिए:मरीजों की जान खतरे में है,जिम्मेदार मुझे बनाएंगे

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राज्य के पहले कोविड डेडिकेटेड अस्पताल और दूसरी लहर में दोबारा यही दर्जा हासिल करने वाले सरकारी नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) में भी ऑक्सीजन संकट पहुंच ही गया। भास्कर ने दो दिन पहले ही बताया था कि प्राइवेट के बाद यह संकट सरकारी अस्पतालों की ओर पहुंचने वाला है। शनिवार को ऐसी हालत हो ही गई। ऑक्सीजन के नाम पर NMCH में पहले परिजनों और जूनियर डॉक्टरों में झड़प हुई और फिर अस्पताल अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को लिख दिया- “संकट बहुत बढ़ गया है, मरीज मरेंगे और सरकार मुझे जिम्मेदार बनाएगी, एक्शन लेगी। इससे पहले मुझे पदमुक्त कर दें।” NMCH के अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। इस वजह से मरीजों की जान पर संकट हो सकता है। मैं इस स्थिति का भागी नहीं बनना चाहता हूं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आज ही NMCH को कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाए जाने का निर्देश जारी किया है।

प्रशासन पर लगाया आरोप – NMCH का ऑक्सीजन दूसरी जगह भेजा जा रहा

डॉक्टर विनोद कुमार सिंह ने प्रधान सचिव को लिखे लेटर में पटना जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बीते कुछ दिनों से प्रशासन ने NMCH के ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता के भंडार पर नियंत्रण कर लिया है। NMCH के लिए आने वाले ऑक्सीजन को दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है। मेरे प्रयासों के बावजूद ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे कभी भी दर्जन भर मरीजों की जान जा सकती है। मुझे शंका है कि ऐसा हुआ तो इसकी सारी जवाबदेही मुझ पर आएगी। इससे पहले ही मुझे कार्यमुक्त कर दिया जाए।

प्रधान सचिव को लिखा गया NMCH अधीक्षक का लेटर।

प्रधान सचिव को लिखा गया NMCH अधीक्षक का लेटर।

भास्कर लगातार कह रहा, ऑक्सीजन की कमी से भयावह हालात

भास्कर ने 15 अप्रैल को ही सामने लाया था कि पटना के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। सात प्राइवेट अस्पतालों ने मरीजों को NO ENTRY बोल दिया है। भास्कर ने ऑक्सीजन संकट के 3 कारण भी बताए थे। यह भी बताया कि किस तरह सरकारी अनदेखी से भी ऑक्सीजन संकट गहराया है। जिसके बाद सरकार ने ऑक्सीजन की उपलब्धता के दावे किए, लेकिन दो दिन के बाद भी इनके दावे पूरे नहीं होते दिख रहे हैं। राजधानी में हॉस्पिटल्स को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन गैस नहीं मिल पा रही है। इसको लेकर सारी कवायद फेल होती दिख रही है। हमने आज भी इस खबर में पटना के कई अस्पतालों का हाल दिखाया है।

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