RJD के प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश के PM मैटेरियल की व्याख्या की,कहा- कुर्सी के लिए हमेशा उलटता-पलटता रहता है पदार्थ

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राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा- “तालिबान नाम नहीं, एक संस्कृति है। भारत में RSS तालिबानी हैं। ये लोग दाढ़ी काटते हैं। चूड़ी बेचने वाले और पंक्चर बनाने वाले को मारते हैं। इन सबके खिलाफ लालू यादव ने लंबी लड़ाई लड़ी, संघर्ष किया और इसलिए उन लोगों ने कहा- अरबपतियों की खिलाफत करता है, धार्मिक उन्मादियों के खिलाफ है, आडवाणी को गिरफ्तार करता है इसलिए लालू प्रसाद को जेल में डालो।’

जगदानंद सिंह राजद के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की बैठक को संबोधित कर रहे थे। वह मंगलवार को लालू के पुत्र तेज प्रताप यादव के विवादास्पद बयान के बाद पहली बार पार्टी के सार्वजनिक मंच से बोल रहे थे।

PM मैटेरियल (नीतीश कुमार) की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा- “मैटेरियल मायने पदार्थ। इसमें जिंदगी है, उसमें गुण है। जो पदार्थ है, वह मैटेरियल है। पदार्थ उलटता- पलटता रहता है। जो रास्ते से विचलित हो जाए वह पदार्थ ही हो सकता है, लालू प्रसाद नहीं हो सकता है। व्यक्तित्व कभी बदलता नहीं। पदार्थ तो कुर्सी के लिए हमेशा उलटता-पलटता रहता है। हमारा तेजस्वी पदार्थ नहीं, एक जीवंत इंसान है। पदार्थ तो वेस्ट मैटेरियल की तरह है।’

उन्होंने राजद के कार्यकर्ताओं से कहा- “राष्ट्रीय जनता दल की एक कमी के चलते हमारा नुकसान हो रहा है। हमारे दल को एक आदत ने बिगाड़ दिया है। हम ऊपर जाने के लिए नीचे जाना नहीं चाहते हैं। बगल की झोपड़ी में नहीं जाना चाहते.., बगल के दरवाजे पर जाकर बैठना नहीं चाहते। घर से उठे और पहुंच जाते हैं प्रखंड कार्यालय, उसके बाद जिला कार्यालय और देश को बदल देते हैं चाय की दुकान पर। पार्टी ऑफिस में घूमने वाले हमारे लिए बेशकीमती नहीं बन सकते।’

सिंह ने आगे कहा- “राजद कभी अपने सिद्धांत से विचलित नहीं हुआ। यह जीवंत लोगों की पार्टी है। दुनिया को बदलने वाली पार्टी है। कार्यकर्ताओं के लिए भी यहां एक ही रास्ता है, वह है संघर्ष का रास्ता। बिहार की एक इंच ऐसी जमीन नहीं है, जहां लालू प्रसाद की छाप नहीं है।’

16 साल में बाढ़ पर हमारे बताए प्लान पर कुछ नहीं कर सकी सरकार

उन्होंने बाढ़ पर विस्तार से बातें रखीं। वे बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि कैसे सरकार की नाकामी की वजह से आपदा यानी बाढ़ आती है हर साल। उन्होंने संस्मरण सुनाते हुए कहा- “नेपाल का पानी बिहार के रास्ते समुद्र तक जाना तय हुआ। नेपाल ने गंगा और गंडक के रास्ते व्यापार का रास्ता मांगा। नेपाल लैंड लॉक देश है। बिहार में गंगा, कोसी और गंडक हमें मिली है। हमने कहा नेपाल की शर्त मान ले भारत सरकार, पर भारत सरकार ने कहा कि बिहार की नदियों से होते हुए रास्ता दे देंगे तो देश की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। अफसर भी हमें यही समझाते थे।

नेपाल को सड़क मार्ग से जाने से जब खतरा नहीं हुआ तो जल मार्ग से कैसे खतरा हो जाएगा? कोसी के माध्यम से उत्तर बिहार के उत्पादन दुनिया में बिकने लगे तो व्यापार दुनिया से बढ़ जाएगा। समुद्र में जाने वाले पानी से हम बिजली भी बना लेते, खेतों को मीठा पानी भी मिलता। इंटरलिंकिंग ऑफ द रीवर की बात हुई थी, लेकिन 16 साल में यह काम आगे नहीं बढ़ा सकी सरकार। राजद ने बिहार में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक बुनियादी परिवर्तन किया।

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