कांग्रेस ने CM नीतीश को दिया ऑफर, 7 माह बाद फिर अजीत शर्मा बोले-CM के चेहरे पर तनाव दिख रहा है

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बिहार की राजनीति में कुछ तो पक रहा है। आज विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने भास्कर से बातचीत में सीधा कहा- “नीतीश कुमार को टेंशन नहीं लेना चाहिए, महागठबंधन में शामिल होकर नई सरकार बनानी चाहिए’। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कांग्रेस ने 7 महीने बाद एक बार फिर ऑफर दिया है। शर्मा ने यह भी कहा- “जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी भी NDA में तकलीफ में हैं। सवाल सिर्फ जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी का नहीं है। नीतीश सरकार के मंत्री ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। खनन मंत्री जनक राम ने बालू खनन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सफेदपोश लोग इसमें संलिप्त हैं। बिहार की एनडीए सरकार में सभी लोग नाराज हैं, लेकिन कोई बोल नहीं पा रहा है’।

उन्होंने कहा – “मुकेश सहनी के साथ बनारस में भाजपा सरकार में क्या हुआ, सभी लोग जान रहे हैं। बिहार की एनडीए सरकार में मुकेश सहनी मंत्री हैं और उनके साथ पीएम नरेन्द्र मोदी क्या कर रहे हैं’?

मांझी और सहनी के संपर्क में कांग्रेस

क्या जीतनराम मांझी और मुकेश सहनी कांग्रेस के संपर्क में हैं? इस सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा- “महागठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार भी साथ में थे। उस समय का विकास और अब का विकास देख लीजिए। फर्क पता चल जाएगा। कोरोना में कहीं कोई इलाज नहीं हुआ है’।

उन्होंने जेडीयू और भाजपा के सभी नाराज विधायकों से अपील करते हुए कहा कि अगर जमीर अपनी देखते हैं तो महागठबंधन के साथ आएं। नीतीश कुमार काम नहीं कर पा रहे हैं। उनका चेहरा टेंशन में दिख रहा है। इसलिए हम उनसे कहना चाहते हैं कि एक बार फिर से हमारे साथ आएं और महागठबंधन की सरकार बनाएं।

अरुणाचल में JDU के टूटने पर भी दिया था ऑफर

दिसंबर में अरुणाचल प्रदेश में जदयू के 6 विधायकों को भाजपा ने तोड़ लिया था। इसके बाद बिहार में विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार पर जमकर कटाक्ष किया था। राजद ने कहा था- “जदयू को भाजपा ने अरुणाचल में क्रिसमस गिफ्ट दिया है’। तेज प्रताप यादव ने यहां तक कह दिया था कि भाजपा जदयू को पूरी तरह से खत्म कर देगी। उस वक्त भी कांग्रेस ने नीतीश कुमार को भाजपा का साथ छोड़कर महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया था। अजीत शर्मा ने कहा था- “नीतीश कुमार को तय करना होगा कि उन्हें क्या करना है, क्या नहीं करना है। अगर वो चाहे तो हमारे साथ आ सकते हैं, वो पहले भी साथ थे। उनका हमेशा स्वागत है।’

बिना नीतीश के नहीं बनेगी मजबूत सरकार

बिहार में एनडीए को कुल 125 सीटें मिली थी। इसमें बीजेपी को 74, जेडीयू को 43, वीआईपी को 4 और हम को 4 सीटें मिली हैं, लेकिन लोकजनशक्ति पार्टी के एक विधायक और बसपा के एक विधायक जदयू में शामिल हो गए है। इसके बाद NDA के पास 127 विधायक हो गए हैं। निर्दलीय सुमित सिंह भी नीतीश कुमार को समर्थन दे चुके हैं। इस कारण अभी 128 विधायकों के साथ NDA की सरकार चल रही है।

243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को 122 सीटों की जरूरत है। महागठबंधन के पास 110 विधायक हैं। AIMIM के पास 5 विधायक हैं। दोनों को जोड़ा जाए तो टोटल 115 विधायक ही हो रहे हैं। ऐसे में अगर जीतनराम मांझी की 4 विधायकों वाली पार्टी “हम’ और मुकेश सहनी की 4 विधायकों वाली पार्टी “VIP” साथ दे तो ही महागठबंधन की सरकार बनेगी। अगर जोड़-तोड़ कर महागठबंधन की सरकार बन भी जाए तो वो मजबूत सरकार नहीं होगी। मजबूत सरकार बनाने के लिए नीतीश कुमार का साथ जरूरी है। इसलिए अभी जिस तरफ नीतीश कुमार की JDU जाएगी, सरकार उसकी बन जाएगी।

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