जातीय जनगणना पर 30 दिन में 11 बार BJP ने बदला स्टैंड, कुशवाहा नेकहा- पार्टी के अंदर ही अंतर्विरोध है

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जातीय जनगणना पर बिहार BJP के बार-बार बदलते स्टैंड पर JDU संसदीय दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तंज कसा है। गुरुवार को कुशवाहा ने कहा- “जातीय जनगणना को लेकर BJP के अंदर ही अंतर्विरोध है।’ उनका यह बयान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और CP ठाकुर के जातीय जनगणना नहीं कराने की सलाह देने के बाद आया है। दरअसल, इस मसले पर बीते 30 दिनों में BJP ने 11 बार अपने स्टैंड में बदलाव किया है।

सोमवार को जातीय जनगणना के मसले पर प्रधानमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में शामिल भाजपा बुधवार को बदल गई। मंत्री सिंह ने कहा था- “जनगणना समाज हित में हो, राजनीतिक हित में नहीं।’ जबकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री CP ठाकुर ने कहा था- “जो लोग प्रधानमंत्री से मिलने गए वह सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। यह जातीय जनगणना बेकार चीज है। इसे नहीं होना चाहिए।’

नीतीश कुमार के बगल में खड़े होकर किया समर्थन, पार्टी कार्यालय में करते हैं विरोध

इस पूरे मामले में BJP का स्टैंड जगह के अनुसार बदलता दिखता है। मीडिया के साथ बात करते हुए नीतीश कुमार के बगल में खड़े होकर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद जातीय जनगणना के पक्ष में सिर हिलाते हैं, तो कार्यालय पहुंचते ही इस पर चुप्पी साध लेते हैं। इसी तरह से मंत्री जनक राम नीतीश कुमार की मांग के समर्थन में PM से मुलाकात करने जाते हैं तो केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ट्विटर पर जातीय जनगणना को समाज का नहीं, बल्कि राजनीति पार्टियों के हित का मुद्दा बताते हैं।

20 जुलाई को सरकार ने कहा था- नहीं होगी जातीय जनगणना

20 जुलाई 2021 को केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था- “SC-ST के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं होगी।’

बीते 26 दिनों में BJP नेताओं ने दिए बयान

  • 25 जुलाई : श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा- “जातीय जनगणना केन्द्र का है विषय, वो लेंगे फैसला।’
  • 26 जुलाई : BJP विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा- “जातीय जनगणना समाज को बांटने वाला होगा।’
  • 30 जुलाई : BJP विधान पार्षद संजय पासवान ने कहा- “जातीय जनगणना नहीं, गरीबी आधारित हो जनगणना।’
  • 1 अगस्त : BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा- “केंद्र सरकार को इस मामले में निर्णय करना है। इस विषय पर पूरे विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।’
  • 3 अगस्त : मीडिया के सवाल पर डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद ने जातीय जनगणना पर पार्टी का स्टैंड खुलकर नहीं रखा।
  • 5 अगस्त : मंत्री सुभाष सिंह ने कहा- “देश में अगर जातीय जनगणना होती है तो इससे किसी खास एक वर्ग को लाभ मिलेगा। हो सकता है कि जातीय जनगणना से तनाव की स्थिति भी पैदा हो जाए।’
  • 10 अगस्त : मंत्री नितिन नवीन ने कहा- “मांग करने वालों को बस राजनीति करनी है। केंद्र के पास पूरा विषय है। केंद्र अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है।’
  • 10 अगस्त : मंत्री नीरज सिंह बबलू ने कहा- “जातीय जनगणना से पहले CM को जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने को लेकर काम करना चाहिए।’
  • 12 अगस्त : मंत्री रामसूरत राय ने कहा- “जातीय जनगणना कराई जानी चाहिए।’
  • 19 अगस्त : डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा- “BJP को जातीय जनगणना से कोई एतराज नहीं है।’
  • 22 अगस्त: PM से मिलने वाले CM के प्रतिनिधि मंडल में BJP नेता जनक राम शामिल हुए।
  • 22 अगस्त : राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा- “BJP कभी जातीय जनगणना के विरोध में नहीं रही।’
  • 25 अगस्त : पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर ने कहा- “जो लोग प्रधानमंत्री से मिलने गए वह सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। यह जातीय जनगणना बेकार चीज है। इसे नहीं होना चाहिए।’
  • 25 अगस्त : केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा- “जनगणना समाज हित में हो, राजनीतिक हित में नहीं।’

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