जिससे हारे थे पंचायत चुनाव, उसे हरा बने विधायक,JDU के अमन हजारी ने 5 साल में बदली कहानी

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बिहार विधानसभा उपचुनाव का मंगलवार को परिणाम आ गया। कुशेश्वरस्थान सीट पर फिर एक बार JDU का कब्जा हो गया है। उपचुनाव में JDU प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने RJD प्रत्याशी गणेश भारती को 12698 वोट से हराया। हालांकि, यह सीट पहले भी हजारी परिवार की रही है।

इससे पहले अमन हजारी के पिता शशिभूषण हजारी यहां से MLA थे। उनके निधन के कारण ही यहां उपचुनाव हुआ। इसीलिए JDU ने अमन हजारी को यहां से टिकट दिया।

अमन भूषण हजारी 26 साल के हैं। वहीं, 2015 में उन्होंने मैट्रिक पास की। वहीं, उनकी संपत्ति की बात करें तो आवासीय मकान, कृषि भूमि के साथ-साथ उनके पास एक स्कॉर्पियो और 3 बाइक हैं। हालांकि, रोचक बात यह है कि गणेश भारती और अमन हजारी की एक बार पहले भी भिड़ंत हो चुकी है। ये 2016 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हुआ था। तब अमन हजारी गणेश भारती से 1005 वोट से हार गए थे।

2016 में अमन हजारी को हराकर गणेश भारती बने थे पंचायत समिति सदस्य
2016 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पंचायत समिति सदस्य के पद पर गणेश भारती विजयी हुए थे। लेकिन, सदन की सियासत को लेकर हुए उपचुनाव में JDU प्रत्याशी अमन हजारी ने RJD प्रत्याशी को पटखनी दे दी। विधानसभा उपचुनाव में अमन भूषण हजारी को कुल 59887 वोट मिले। वहीं, उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे RJD प्रत्याशी गणेश भारती को 47192 वोट मिले।

जबकि LJP(लोकतांत्रिक) प्रत्याशी अंजू देवी को 5623, कांग्रेस प्रत्याशी अतिरेक रंजन को 5603, निर्दलीय प्रत्याशी जीवछ हजारी को 3200, समता पार्टी के सचिद्र पासवान को 2596, JAP उम्मीदवार योगी चौपाल को 2211 एवं निर्दलीय प्रत्याशी रामबहादुर आजाद को 1789 वोट मिले।

हार के बाद समर्थकों के साथ विधायक अमन भूषण हजारी

हार के बाद समर्थकों के साथ विधायक अमन भूषण हजारी

माता-पिता के निधन के कारण दिया गया अमन हजारी को टिकट
JDU विधायक रहे शशिभूषण हजारी के निधन के बाद कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट से पहले टिकट पत्नी को देने की बात चल रही थी। लेकिन, उनका भी निधन हो गया। इसी वजह से बेटे अमन हजारी को वहां से टिकट दिया गया। इस विधानसभा क्षेत्र में यादव, मुस्लिम, कुर्मी और मुसहर मतदाता बाहुल्य संख्या में हैं। वहीं, अग्रिम जाति की भी अच्छी आबादी है। लेकिन, यह सीट रिजर्व है। जिसकी वजह से इन्हीं जाति को ध्यान में रखकर यहां की राजनीति होती है।

RJD यहां से पहली बार चुनाव लड़ी। इसीलिए, उन्होंने ऐसे उम्मीदवार को उतारा जो पहले भी अमन हजारी को हरा चुका है। वहीं, आमतौर पर मुस्लिम-यादव(MY) समीकरण से ही RJD चुनाव लड़ती है। लेकिन, इस बार RJD मुसहर-मुस्लिम-यादव समीकरण के साथ चुनाव लड़ी थी।

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