दरवाजा तोड़कर वर्दी पहने 20 नक्सली घर में घुसे, पहले लाठी से पीटा फिर गोली मारी

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बिहार में एक बार नक्सलियों का खौफनाक चेहरा सामने आया है। यहां बुधवार रात नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर बाप और बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। मामला चकाई थाना क्षेत्र स्थित बोंगी पंचायत के बारजोर टोला का है। वारदात के बाद घटनास्थल पर नक्सलियों ने हाथ से लिखे पर्चे फेंके। इसमें लिखा है कि पुलिस मुखबिरी कोई नहीं करे। साथ ही, प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने हत्या की जिम्मेवारी ली है। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को एक जिंदा कारतूस व कई खोखे मिले हैं।

मृतकों की पहचान चतुर हेम्ब्रम (60) और अर्जुन हेम्ब्रम (28) के रूप में हुई है। पोस्टर में लिखा है- ‘SPO चोपय हेम्ब्रम और अर्जुन हेम्ब्रम को इलाके से मार भगाए, तमाम भाई-बहनों से अपील है कि SPO का काम नहीं करें, इलाके से लुटेरे वर्गों को मार भगाओ, तमाम मेहनतकश जनता से अपील है कि पुलिस के बहकावे में आकर एसपीओ का काम नही करें नहीं तो खून बहेगा सड़कों पर।’ पोस्टर के नीचे निवेदक में भाकपा माओवादी लिखा हुआ है।

चतुर हेम्ब्रम की पत्नी ननकी मरांडी ने बताया- ‘रात लगभग 10 बजे 15 से 20 वर्दी धारी हथियार लेकर आए और घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। इसके बाद एक हथियारबंद नक्सली ने पति चतुर को घर से बाहर निकाला और कुछ नक्सली दूसरे कमरे में सो रहे बड़े बेटे अर्जुन को घर से बाहर निकाला। घर से बाहर कर नक्सलियों ने सबसे पहले लाठी से दोनों की पिटाई की। इसी बीच नक्सलियों ने पति और बेटे को गोली मारी दी। इसके बाद नक्सली आराम से निकल गए।’

मौके से बरामद पोस्टर।

मौके से बरामद पोस्टर।

बताया यह भी जा रहा है कि मृतक के अन्य सदस्यों के संबंध नक्सलियों से बहुत पहले से ही है। चतुर का एक बेटा अनुस हेम्ब्रम पिछले दो साल से जमुई जेल में नक्सली कांड में बंद है। साथ ही एक बेटा सुनील हेम्ब्रम कुछ दिन पहले ही जेल से निकला है। इधर, घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, क्षेत्र में व्यापक रूप से भय का माहौल बन गया है।

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