पटना में बिना 4000 रुपए लिए शव को हाथ नहीं लगाया, प्रशासन ने दर्ज कराया मुकदमा

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अंतिम संस्कार के लिए भी बोली लगाई जाती है। मुंह मांगी रकम जब तक नहीं मिल जाती तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। दैनिक भास्कर पहले भी कई बार इसका खुलासा कर चुका है। अब प्रशासन की आंख खुली तो अंतिम संस्कार के लिए शव को हाथ लगाने से पहले 4000 रुपए की डिमांड करने का खुलासा हुआ। प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी के लिए खाजेकलां थाना में मुकदमा दर्ज कराया है, क्योंकि मामला भी खाजेकलां विद्युत शवदाह गृह का है।

बस नाम का राज कुमार निकला

खाजेकला विद्युत शवदाह गृह में तैनात मजदूर सिर्फ नाम का राज कुमार निकला है। उसके काम ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। वह शव का दाह संस्कार करने के एवज में 4000 की डिमांड किया था। बिना पैसा लिए शव को हाथ लगाने को तैयार नहीं था। विश्वनाथ भगत के दाह संस्कार के लिए खाजेकलां घाट पर तैनात मजदूर के पैसा वसूली का बात सामने आई थी।

मजिस्ट्रेट की तैनाती की भी खुल गई पोल

घाटों पर मजिस्ट्रेट की भी तैनाती है लेकिन प्रशासन के संज्ञान में मामला वीडियो वायरल होने के बाद आया है। DM डॉ चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि 4000 की मांग नाजायज रूप से की गई थी। इसका वीडियो वायरल हुआ जांच शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला नियंत्रण कक्ष के विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी पटना सदर संजय कुमार द्वारा संबंधित कर्मी दैनिक मजदूर राजकुमार के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम एपिडेमिक डिजीज एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत खाजेकलां थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दैनिक भास्कर पहले ही कर चुका है खुलासा

घाट पर किस तरह से बोली लगती है इसका खुलासा दैनिक भास्कर पहले ही कर चुका है। जब तक पैसा वसूल नहीं किया जाता है तब तक शव पर हाथ नहीं लगाया जाता है। दैनिक भास्कर पटना के गुल्बी घाट से लेकर बांस घाट तक इसका खुलासा किया है। लोग किस तरह से गिड़गिड़ाते हैं और कर्मचारी पैसों की डिमांड कर शव हाथ तक नहीं लगाते हैं। हॉस्पिटल में इलाज के बाद टूट चुके लोगों से जमकर वसूली की जाती है।

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