पटना से बेगूसराय जाने के लिए मांग रहा था 16 हजार रुपया, DM के आदेश पर हो गया मुकदमा

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एक मरीज को पटना से बेगूसराय जाना था। इसके लिए प्राइवेट एंबुलेंस ने 16 हजार रुपए की मांग की। रकम काफी अधिक और सरकार द्वारा तय की गई राशि से काफी अधिक थी। मामला DM के संज्ञान में आया तो जांच हुई जिसके बाद एंबुलेंस के चालक और मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एंबुलेंस की जांच के लिए टास्क फोर्स ने 5 अस्पतालों का निरीक्षण किया जिसमें एंबुलेंस का मामला पाया है। जांच में ऐसे भी हॉस्पिटल मिले हैं जो कोविड के लिए रजिस्टर्ड नहीं हैं इसके बाद भी इलाज कर रहे हैं।

DM के आदेश पर कराई गई जांच

DM डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर निजी अस्पतालों एवं निजी एंबुलेंस द्वारा सरकारी निर्धारित दर से अधिक पैसा वसूली करने की शिकायत की जांच के लिए टीम बनाई है। टीम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की अलग-अलग टीम गठित किया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष के दोनों धावा दल को एक्टिव कर जांच का आदेश दिया था। आदेश दिया था कि कानून का उलंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं द एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

ऐसे पकड़ी गई एंबुलेंस की चोरी

DM के निर्देश पर प्राइवेट एंबुलेंस चालकों की शिकायत के लिए व्हाट्सएप नंबर 6287590563 जारी किया है।इस पर RPS मोड़ निवासी अनिल सिंह ने शिकायत कर बताया कि पटना से बेगूसराय के लिए निजी एंबुलेंस (बिना ऑक्सीजन) के 16000 रुपए की डिमांड कर रहा है। यह सरकार द्वारा निर्धारित दर से काफी अधिक है। मामला संज्ञान में आते ही DM ने धावा दल को लगा दिया। जांच में शिकायत सही पाई गई।इस पर मजिस्ट्रेट पशुधन पर्यवेक्षक अनिल कुमार सिंह ने गांधी मैदान थाना में एंबुलेंस मालिक हनुमान नगर की बच्ची देवी और चालक पंकज कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 420, 349 के तहत कार्रवाई की गई है।

अस्पतालों में मनमानी पर हुई जांच

अस्पतालों में मनमानी को लेकर जांच टीम ने PMCH, फोर्ड हॉस्पिटल, शरणम हॉस्पिटल, रुबन हॉस्पिटल ,मेडी पार्क हॉस्पिटल के साथ मलाही पकड़ी कंकड़बाग स्थित कई अस्पतालों में जांच किया। इस क्रम में निजी अस्पतालों मैं सरकारी निर्धारित दर के हिसाब से पैसा नहीं लिया जाता है। इस दौरान सैमफोर्ड हॉस्पिटल, सारांश हॉस्पिटल और श्री इमरजेंसी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। सैमफोर्ड हॉस्पिटल की जांच में पाया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक राशि लिया जा रहा है। इस मामले में संबंधित अस्पताल के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है।

बिना रजिस्ट्रेशन कोरोना का इलाज

जांच में पाया गया कि सारांश हॉस्पिटल ( नन कोविड) हॉस्पिटल है फिर भी कोरोना का इलाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं अत्यधिक पैसा भी वसूला जा रहा था। इस मामले में अस्पताल के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है और FIR दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही श्री इमरजेंसी हॉस्पिटल (नन कोविड) है लेकिन कोरोना का इलाज किया जा रहा था। इस अस्पताल के खिलाफ भी नोटिस जारी किया गया है। DM का कहना है कि हर दिन छापेमारी की जा रही है और पकड़ में आने पर कार्रवाई की जा रही है।

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