पारस अस्पताल की आईसीयू में भर्ती 25 मरीजों के परिजनों से हाेगी पूछताछ

0
255
Share

पारस अस्पताल में भर्ती कोरोना पीड़ित महिला से छेड़खानी और फिर उसकी मौत के मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। शास्त्रीनगर थाने की पुलिस गुरुवार को भी पड़ताल के लिए अस्पताल गई। पुलिस ने आईसीयू के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को जब्त कर लिया है। साथ ही अस्पताल प्रशासन को हिदायत दी है कि किसी कैमरे का फुटेज डिलीट न करे। जांच में पता चला कि आईसीयू में घटना के दिन 25 मरीज भर्ती थे। सभी भर्ती मरीज का नाम, पता और मोबाइल नंबर पुलिस ने लिया है। इन मरीजों के परिजन से पुलिस पूछताछ करेगी। थानेदार रामशंकर सिंह ने कहा कि मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है। फुटेज की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

छह महिला और चार पुरुष स्टाफ से होगी पूछताछ
मृतका की बेटी ने आरोप लगाया है कि आईसीयू में एडमिट उसकी मां के साथ 16 मई की रात छेड़खानी हुई थी। 19 मई को उसकी मौत हो गई। उसके बाद उसकी बेटी के बयान पर शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने उस रात आईसीयू में तैनात सभी मेडिकल स्टाफ की सूची तैयार की है। जांच में पता चला कि उस दिन आईसीयू में छह महिला और चार पुरुष स्टाफ तैनात थे। पुलिस सभी से पूछताछ करेगी। साथ ही फुटेज में इनका मूवमेंट भी देखेगी।

महिला की बेटी से भी होगी पूछताछ

मामले में दो तरह के आरोप हैं। एक मरीज से छेड़खानी और दूसरा गलत दवा देकर मार देने और इलाज में लापरवाही का। पुलिस छेड़खानी की जांच कर रही है। वहीं जिला प्रशासन के एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम इलाज में लापरवाही की जांच करेगी। जल्द ही मामले में मेडिकल बोर्ड की टीम पारस अस्पताल जाकर जांच करेगी। साथ ही मृतका की बेटी से भी पूछताछ करेगी।

आरोपों को नकार चुका है अस्पताल प्रबंधन
महिला मरीज 6 मई से कोरोना पॉजिटिव थी। 15 मई को स्थिति बिगड़ने लगी तब पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 मई की रात महिला से छेड़खानी की जाने की बात सामने आई। 17 मई को उसकी बेटी ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और 19 मई को मरीज की मौत हो गई। इधर बवाल बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष जारी किया है। वह युवती के आरोपों को नकार चुका है। प्रबंधन का कहना है कि पारस अस्पताल की आंतरिक जांच में छेड़खानी की बात सामने नहीं आई है। इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है।

मंत्री बोले- आश्रित को मिलेंगे 54 लाख रुपए

समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि पारस अस्पताल में कोरोना से मृत औरत आंगनबाड़ी में सेविका थी। उस सेविका की बेटी ने अस्पताल में अपनी मां के साथ दुष्कर्म होने का आरोप लगाया है। वहीं विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिवंगत सेविका के परिजन को कोरोना से मरने पर राज्य सरकार से मिलने वाला 4 लाख अनुग्रह अनुदान तुरंत दी जाए। वहीं केंद्र सरकार द्वारा सेविका की बीमित 50 लाख राशि दिलाने के लिए विभाग को तुरंत केंद्र सरकार से अनुशंसा करने का निर्देश दिया गया है। परवरिश योजना के तहत दिवंगत सेविका के बालिग बच्चों को हर महीने प्रति बच्चा 1000 रुपए मिलेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here