बिहार में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी

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कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार कवायद कर रही है। इसी क्रम में पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्य के 9 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इन मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगने से कोरोना मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलेगी। साथ ही भविष्य में इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होगी। इसके अलावा, स्वास्थ सेवाओं में सुधार के लिए विभाग MBBS, नर्सिंग, GNM के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी मानदेय देकर उनकी सेवा लेगा, जिसका लाभ उन्हें स्थायी नौकरी के तौर पर मिलेगा।

21 करोड़ 46 लाख खर्च आएगा

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने बताया कि राज्य के NMCH, पटना, JKTMCH, मधेपुरा, विम्स, राजगीर और MNMCH, गया में 2500 LPM क्षमता वाला और PMCH में 5000 LPM क्षमता वाला ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट ऑयल इंडिया लिमिटेड की तरफ से लगाया जाएगा। इसके आदेश दिए जा चुके हैं। इस पर कुल 21 करोड़ 46 लाख खर्च आएगा। दूसरी ओर SKMCH, मुजफ्फरपुर, DMCH, दरभंगा, JLNMCH, भागलपुर और MGKMCH, बेतिया में दो हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट नमलीगढ़ रिफायनरी लिमिटेड की तरफ से लगाया जाएगा।

100 दिन की सेवा को एक साल के बराबर माना जाएगा

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग कोरोनाकाल में स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाने को लेकर लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी में अब MBBS और नर्सिंग शिक्षा से जुड़े अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राएं भी अपनी सेवा देंगे। इसके लिए जहां MBBS छात्रों को 15 हजार, BSc नर्सिंग के छात्र-छात्राओं को 14 हजार और GNM के छात्र-छात्राओं को 12 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इस समय नियुक्त ऐसे छात्र-छात्राओं को कोरोनाकाल में की गई 100 दिन की सेवा को एक वर्ष के समतुल्य माना जाएगा और नियमित नियुक्ति में इसका लाभ मिलेगा।nullखबरें और भी हैं…

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