बेटा ही निकला मां-बाप का कातिल, पैसे के लिए पत्नी और बेटे के साथ मिल की थी हत्या

0
422
Share

रामकृष्णानगर के शिवाजी चौक में रिटायर्ड शिक्षक ब्रज किशोर प्रसाद और उनकी पत्नी कमल लता सिन्हा की हत्या संपत्ति के लिए उनके इकलौते बेटे ने पत्नी व बेटे के साथ मिलकर की थी। बेटे रंजीत उर्फ निप्पू, पोता अभिषेक और बहू संजू देवी की अंगुली, नाखून और कपड़े पर लगे खून के निशान ने हत्या का राज खोल दिया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आई। सिटी एसपी पूर्वी जितेंद्र कुमार के मुताबिक रंजीत अक्सर पिता ब्रज किशोर से पैसे की मांग करता था। इससे परेशान होकर उन्हाेंने पैसे देने से इंकार कर दिया।

इसके बाद उसने हत्या की साजिश रची। ब्रज किशोर राेज सुबह उठते ही दूध लाने जाते थे। गुरुवार की सुबह साढ़े छह बजे रंजीत सेकेंड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर पर आया और पिता के कमरे के दरवाजे को खटखटाया। दरवाजा खुलते ही रंजीत ने बाहर से धक्का दिया। उसके पिता गिर गए और उन्हें काफी चोट आई। इसको लेकर दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। इसी बीच संजू और अभिषेक भी पहुंच गए और ब्रज किशोर से मारपीट करने लगे। इससे तीनों के अंगुली, नाखून और कपड़े पर खून के निशान लग गए।

इसी बीच संजू और अभिषेक ने मौका पाकर रस्सी का फंदा बनाया और ब्रज किशोर के गले में डालकर कस दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद तीनों ने मिलकर मां कमल लता सिन्हा की भी उसी तरीके से हत्या कर दी। हत्या का राज छुपाने के लिए रंजीत, संजू और अभिषेक ने फर्श की सफाई की। और पड़ोस में रहने वाले लोगों और रिश्तेदारों को ब्रज किशोर और कमल लता की मौत कोरोना से होने की जानकारी दी।

बेटे के विवाद से परेशान दंपती किराए के घर में रह रहे थे
ब्रज किशोर 13 साल पहले रिटायर हुए थे। जिस घर में पति-पत्नी की मौत हुई थी, उसे नौकरी के दौरान ही बनवाया था। उसके अतिरिक्त महुली में छह कट्ठा जमीन खरीदी था। गौरीचक में खानदानी संपत्ति भी है। इसके बावजूद भी बेटे से परेशान ब्रज किशोर कंकड़बाग में किराया के मकान रह रहे थे। दो साल पहले बेटा-बहू के अनुरोध पर रामकृष्णानगर आ गए।

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here