बॉर्डर से लौटकर लकवा रोगी पिता का इलाज कराने वाले थे सुनील,मां से कहा था जल्द आऊंगा घर

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पटना. भारत-चीन के सैनिकों के बीच सोमवार रात लद्दाख की गालवन वैली में हुई हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हुए थे। इनमें से पांच जवान बिहार के हैं। पटना के बिहटा के तारा नगर के शिकरिया के जवान सुनील कुमार भी शहीद हुए हैं।

बेटे की शहादत की खबर मिलने के बाद रोतीं रुक्मिणी देवी।

सुनील की शहादत की खबर मिलते ही शिकरिया गांव में शोक की लहर फैल गई। 35 साल के सुनील जल्द ही छुट्टी लेकर घर लौटने वाले थे। सुनील की मां रुक्मिणी देवी ने कहा कि मेरा बेटा जल्द ही घर आने वाला था। कुछ दिन पहले फोन पर उससे मेरी बात हुई थी। उसने कहा था कि मां जल्द ही छुट्टी लेकर घर आऊंगा। वह लकवा के रोगी पिता (वासुदेव साह) का इलाज कराने की बात कह रहा था। वह चला गया। अब कौन इनका इलाज कराएगा।

शहीद जवान सुनील कुमार की पत्नी रीति देवी, मां रुक्मिणी देवी और पिता वासुदेव साह।

2002 में सुनील सेना में भर्ती हुए थे। 2004 में उनकी शादी हुई। उनके तीन बच्चे हैं। 12 साल की बेटी का नाम सोनाली है। 10 और 5 साल के दो बेटों के नाम आयुष व विराट हैं। पति के शहादत की खबर मिलने के बाद से रीति देवी सदमे में हैं। सुनील के बड़े भाई अनिल साव भी सेना में थे। वह रिटायर्ड हो चुके हैं।

बिहार के ये जवान हुए शहीद

  1. सिपाही कुंदन कुमार- सहरसा
  2. हवलदार सुनील कुमार- पटना
  3. सिपाही अमन कुमार- समस्तीपुर
  4. सिपाही चंदन कुमार- भोजपुर
  5. सिपाही जय किशोर सिंह- वैशाली

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