मुंगेर की पहचान गन फैक्ट्रियां फिर शुरू होंगी!

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मुंगेर की पहचान आईटीसी (इंडिया टोबैको कंपनी) और गन फैक्ट्री की पुरानी चमक वापस लौटने की उम्मीद जगी है। रविवार को प्रदेश के उद्योग मंत्री सैयद शहनवाज हुसैन पहली बार जिले के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने यहां कारोबारियों से मुलाकात की। बता दें कि यहां आईटीसी, बंदूक कारखाना, जमालपुर रेल कारखाने के अलावा बरियारपुर के खादी ग्रामोद्योग, धरहरा का कंबल उद्योग समेत काफी सख्ंया में लघु उद्योग थे। हालांकि, इनमें से अब कई बंद हैं।

यहां बियाडा की बहुत जमीन खाली है। बताया जा रहा है कि यहां फिर से उद्योग लगाए जाएंगे और जिले को उद्योग हब बनाया जाएगा। बंद पड़े लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करने और टेक्सटाइल्स व फूड प्रोसेसिंग का नया उद्योग स्थापित करने की पॉलिसी भी तैयार की जा रही है।

सरकार लाइसेंस दे तो पंप एक्शन गन 5 शॉट की होगी काफी मांग
मुंगेर दौरे के दौरान मंत्री शहनवाज हुसैन गन फैक्ट्री का जायजा लेने भी पहुंचे। उन्होंने निर्माताओं से बंदूक फैक्ट्री में बनने वाली बंदूक की जानकारी ली। फैक्ट्री में कार्यरत बीएसए कॉरपोरेशन के अजीत शर्मा, रायल आर्म्स कंपनी के जितेंद्र शर्मा, बैद्यनाथ आर्म्स कंपनी के संजय कुमार समेत 37 कंपनियों के संचालकों से बातचीत कर इसे फिर से शुरू करने पर चर्चा की।

संचालकों ने गन फैक्ट्री में तैयार पंप एक्शन गन 5 शॉट मंत्री को दिखाते हुए बताया कि सरकार लाइसेंस जारी करे तो इस गन की बहुत ज्यादा डिमांड बाजार में होगी। कहा कि वे लोग यहां बंदूक बना रहे हैं पर रजिस्टर्ड डीलर उनसे तैयार बंदूक नहीं खरीद रहे। इसका एक मात्र कारण प्रशासन द्वारा बंदूक के लिए लाइसेंस नहीं जारी करना है। 2004 के बाद से गन फैक्ट्री से विदेशों में निर्यात भी बंद है। डिफेंस मंत्रालय से भी ऑर्डर मिले तो वे लोग हथियार बना सकते हैं।

इसके बाद मंत्री ने संचालकों के प्रतिनिधिमंडल को पटना आकर समस्या से अवगत कराने का निर्देश देते हुए कहा कि बंदूक कारखाने की पहचान को वापस दिलाने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे।

उद्योग कार्यालय में चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के एक प्रतिनिधि हों तैनात : अशोक
जिले में नए लघु उद्योग लगाने और बंद पड़े लघु उद्योग को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से चैंबर आफ कॉमर्स के कार्यालय में रविवार को परिचर्चा हुई। इसमें शहनवाज हुसैन भी शामिल हुए। चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष अशोक सितारिया ने कहा कि जिले में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि उद्योग कार्यालय में चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के एक प्रतिनिधि को तैनात किया जाए। ताकि जब भी उद्योग विभाग की बैठक हो तो चैंबर के प्रतिनिधि उद्योग संबंधी संभावनाएं व समस्याएं बैठक में रख सकें।

इसके अलावा, भागलपुर में तैयार हवाई अड्‌डे से हवाई सेवा का परिवहन बहाल कराने की बात कही। अशोक सितारिया ने कहा कि हवाई सेवा चालू होने के बाद बड़े उद्योगपति आएंगे और उससे मुंगेर को भी निश्चित ही फायदा होगा।

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