रात में भेजा त्राहिमाम संदेश दोहराया तो 4 बजे सुबह मिले 105 सिलेंडर

0
282
Share

बिहार सरकार द्वारा सभी अस्पतालों को जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का दावा नाक के नीचे फेल होता दिख रहा है। राजधानी पटना के प्राइवेट अस्पताल तो ड्राई हो ही गए हैं, सरकारी अस्पतालों को भी समय से और जरूरत भर ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। पटना के इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IGIMS) के डायरेक्टर द्वारा DM को भेजे गए त्राहिमाम संदेश से इसका खुलासा हो गया है। IGIMS को हर दिन 600 सिलिंडर ऑक्सीजन चाहिए, लेकिन इसके लिए भी अस्पताल के कर्मियों को गैस एजेंसी तक दौड़ना पड़ रहा है।

सुबह 4 बजे मिले 105 सिलिंडर, शाम तक नहीं आया तो खतरे में 108 जान

IGIMS में अभी 108 कोविड मरीज भर्ती हैं। अन्य विभागों में भी मरीज हैं, जो ऑक्सीजन पर हैं। शनिवार 24 अप्रैल की रात अस्पताल में 3-4 घंटे का ही ऑक्सीजन बचा था। तत्काल पटना DDC को इसकी सूचना दी गई थी। इसके बाद देर रात 2 बजे के करीब अस्पताल के अधिकारी उषा एयर प्रोडक्ट्स के रिफिलिंग प्लांट पहुंचे। वहां काफी मान-मनौअल के बाद 105 सिलिंडर उपलब्ध कराया गया, जो सुबह 4 बजे अस्पताल पहुंचा। अब अस्पताल को फिर शाम तक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने वाली है। तत्काल ऑक्सीजन नहीं मिली तो कोविड मरीजों के साथ अन्य की भी जान जा सकती है।

हर रोज 600 सिलेंडर की डिमांड भी नहीं हो रही पूरी

IGIMS डायरेक्टर ने DM को कहा है कि अस्पताल को हर दिन 600 सिलिंडर ऑक्सीजन चाहिए। इसमें सुबह 250, दोपहर को 100 और शाम को 250 सिलिंडर की आवश्यकता है। अभी यहां वेंटिलेटर वाले 50 बेड की व्यवस्था हो रही है। तब ऑक्सीजन की डिमांड और बढ़ जाएगी।

आज की जरूरत पर अब तक न DDC, न एजेंसी से मिला कोई रिस्पॉन्स

IGIMS में कोविड के नोडल डॉक्टर मनीष मंडल ने भास्कर से ऑक्सीजन की कमी की पुष्टि की है। उनका कहना है कि समस्या आ गई है। प्रतिदिन 600 सिलेंडर की डिमांड है, और 100- 100 कर मिल रहा है। बायोमेडिकल डिपार्टमेंट के सूत्रों से जानकारी मिली है कि उनके पास ऑक्सीजन की खेप जल्द ही खत्म होने वाली है। हर दिन 600 सिलेंडर गैस चाहिए। इसके लिए उषा और पाटलिपुत्रा गैस एजेंसी को जिला प्रशासन की तरफ से निर्देशित भी किया हुआ है। बावजूद इसके उषा ने 300 की जगह 100 और पाटलिपुत्रा ने 300 की जगह 170 सिलेंडर ही दिया।

सूत्रों का दावा है कि इस बारे में पटना के DDC को भी डिटेल्स बता दिया गया है, फिर भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। ऐसे में अनहोनी का डर सभी को सताने लगा है। ऑक्सीजन को लाने के लिए 5 गाड़ियां हर वक्त खड़ी हैं, लेकिन अब तक एजेंसियों से कोई रिस्पांस नहीं मिला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here