राष्ट्रीय कार्यकारिणी मीटिंग के जरिए चिराग ने दिखाया दम,5 जुलाई को हाजीपुर से संघर्ष यात्रा की शुरूआत करेंगे

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असली LJP कहां है, किसके साथ समर्थन है, किसका है पार्टी पर असली अधिकार और किसके साथ समर्थन का बल है? इन सवालों पर बहस अब बिहार से निकलकर दिल्ली पहुंच गयी है। लोक जनशक्ति पार्टी के मालिकाना हक और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर कब्जे के लिए चाचा-भतीजा के बीच चल रही वर्चस्व की जंग जारी है। देश की राजधानी दिल्ली के 12, जनपथ में चिराग पासवान राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग कर रहे हैं, जो अभी भी जारी है। पार्टी की तरफ से दावा किया गया है कि इसमें बिहार समेत 12 स्टेट प्रेसिडेंट के साथ ही 90 प्रतिशत राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल हैं। सभी ने अपना समर्थन चिराग को दिया है। मीटिंग में मौजूद कार्यकारिणी के सदस्यों ने पार्टी से सस्पेंड किए गए पशुपति कुमार पारस समेत सभी 5 बागी सांसदों के लोजपा का नाम और सिम्बल इस्तेमाल करने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

शपथ दिलाने के साथ चिराग ने की मीटिंग की शुरुआत

मीटिंग की शुरूआत में चिराग ने वहां मौजूद सभी सदस्यों को शपथ दिलाई। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि चिराग ने रविवार को दिल्ली में बड़ा ऐलान कर दिया है कि वह बिहार में संघर्ष यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 5 जुलाई का दिन चुना है जो उनके पिता और दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का जन्मदिवस है। संघर्ष यात्रा की शुरुआत के लिए चिराग ने अपने पिता के संसदीय क्षेत्र रहे हाजीपुर को चुना है।

21 जून के बाद बिहार आएंगे चिराग

चिराग पासवान ने शनिवार रात लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाक़ात कर लोक जनशक्ति पार्टी को अपना बताते हुए उस पर दावा ठोका है। शनिवार को ही भास्कर ने आपको बताया था कि 21 जून के बाद चिराग पासवान बिहार आने वाले हैं। इसकी रूप-रेखा उनकी टीम तैयार कर रही है। एक बड़ी प्लानिंग चल रही है। वह जनता के बीच जाने वाले हैं। उनके सामने अपनी बातों को रखने वाले हैं। चाचा पशुपति कुमार पारस और बागी सांसदों की पोल खोलने वाले हैं। चिराग पासवान और लोजपा की तरफ से दिवंगत राम विलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग सरकार से की गई है। लोजपा की तरफ से कहा गया है कि बिहार में उनकी एक बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाए।

13-14 जून की रात LJP में हुआ था तख्तापलट

बीते 13 जून की शाम से ही LJP में कलह शुरू हो गई थी। सोमवार 14 जून को चिराग पासवान को छोड़ बाकी पांचों सांसदों ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई और हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय बोर्ड का नया अध्यक्ष चुन लिया। इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई। सोमवार शाम तक लोकसभा सचिवालय से उन्हें मान्यता भी मिल गई थी। इसके बाद चिराग पासवान ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर पांचों बागी सांसदों को LJP से हटाने की अनुशंसा कर दी। फिर 17 जून को पटना में पारस गुट की बैठक में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया।

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