सुतिहारा गांव के बेटे को मिला राष्ट्रपति का वीरता पदक, गर्व कर रहा इलाका

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Sitamarhi News रमेंद्र झारखंड पुलिस में डीएसपी के पद पर हैं। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीरता पदक से सम्मानित किया। यह पदक मिलने से क्षेत्र में खुशी की लहर है।

सीतामढ़ी, {संजय कुमार सिंह}। सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड के बारे में कहा जाता है कि यह वीरों की धरती है। स्वतंत्रता संग्राम में यहां के सपूतों ने उल्लेखनीय योगदान दिया था। सुतिहारा गांव के लाल ने इस उक्ति को एकबार फिर सच साबित कर दिखाया है। यहां के स्वर्गीय रामाज्ञा ठाकुर ‘चंचल’ के पुत्र रमेंद्र कुमार को 75वें स्वतंत्रता दिवस पर रविवार को राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया पदक
रमेंद्र झारखंड पुलिस में डीएसपी के पद पर हैं। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीरता पदक से सम्मानित किया। यह पदक मिलने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

नक्सल विरोधी ऑपरेशन के लिए मिला पदक
रमेंद्र को यह पदक नक्सल विरोधी अभियान की सफलता के लिए दिया गया है। वर्ष 2018 में रमेंद्र एवं उनकी टीम ने एक दुर्दांत माओवादी का खात्मा किया था। इस ऑपरेशन में भारी मात्रा में गोला बारूद एवं राशि भी बरामद हुई थी। इस सफलता के लिए राज्य सरकार ने वीरता पदक के लिए गृह मंत्रालय को रमेंद्र के नाम का प्रस्ताव भेजा था।

आठ साल रहे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में
रमेंद्र आठ साल प्रधानमंत्री की सुरक्षा में रहे। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई एवं मनमोहन सिंह को स्पेशल प्रोटेक्शन गार्ड के रूप में सुरक्षा दिया। रमेंद्र वर्ष 1998 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था। सीआरपीएफ में वे डिप्टी कमांडेंट हैं। पिछले 4 वर्षों से वे झारखंड पुलिस में प्रतिनियुक्ति पर हैं। पदक मिलने से रमेंद्र को गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने बताया कि पदक मिलने के बाद देशभक्ति का जज्बा और बुलंद हो गया है।

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