होली पर्व पर संस्था ने किया कपड़ा वितरण

0
1050
Share

मुजफ्फरपुर | सोमवार को होली के शुभ अवसर पे राष्ट्रीय आजाद भारत के सौजन्य से मुज़फ्फरपुर, बिन्दा वार्ड 14, नरौली पंचायत, मुशहरी थाना क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों के बीच कपड़ा वितरण किया गया।मोहम्मद अली जौहर सिद्दिकी की अध्यक्षता में मुज़फ्फरपुर इम्पैक्ट के संस्थापक व संवाददाता श्रीमान शुशील कुमार जी के आवास पर कपड़ा वितरण का कार्यक्रम किया गया। त्योहार के दिन कपड़ा पा कर बच्चों में एक अलग खुशी का माहौल देखा गया कपड़ा ले कर इधर उधर भागते हुवे अपनी नटखटी और शरारती अंदाजों से अपनी खुशी का इजहार कर रहे थे वही महिलाएं और पुरुषों में भी संतोष देखा जा रहा था।

शरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्था एवं प्रसार केंद्र के लोक कलाकार सुनील कुमार ने अपने साथी राजा पासवान के साथ होली गीत और मुज़फ्फरपुर लीची की लोक गीत से जबरदस्त शमा बांध दिया। गाना के माध्यम से उन्होंने बच्चे और महिलाओं में शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया और होली के रंगों की खाशियत बताते हुवे होली को कैसे सुरक्षित तरीके से मनाए इसपर भी जोड़ दिया गया। सैकड़ो की संख्या में लोगो ने बज्जिका और लोक गीत को काफी पसंद किया। बच्चों ने गीत को दोहराते हुवे तालियों से साथ दिया।


वही राष्ट्रीय आजाद भारत के संयोजक जनाब सैयद रेयाज अहमद जी ने कहा कि होली के दिन आने का मकसद क्या है सिर्फ वितरण करना ही काम नही है हमारे बीच मे मेल मोहब्बत हो भाईचारा हो और सभी धर्मो को अपने समाज मे मोहब्बत कायम करना भी जरूरी होता है। रंग ऐसे ही नही लगाया जाता है रंग लगाने से हम अपनी प्रेम और प्रशन्नता को दर्शाते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि होली का पर्व मानवता को दिखाता है और कोई भी धर्म मानवत से बड़ा नही है। ऊपर वाले ने हमे एक हृदय दिया है जिससे हम एक दूसरे से प्रेम करे। पहले हम एक इंसान है बाद में ही किसी धर्म को मानने वाले है।


सहायता करने का सिर्फ ये ही नही है कि आपको कपड़े से सहायता की जाए, अनाज से की जाए, या पैसे से की जाए सबसे बड़ा सहायता वो है जो हम एक दूसरे को मन से करे मानशिक सहायता जिससे एक दूसरे में मोहब्बत बढ़ेगा भाईचारा कायम रहेगा। अलग अलग धर्मो को मानने वाले हम सब एक ही है वो है मनुष्य,और भी बहुत सारी बातों से लोगो के दिलो में मोहब्बत और भाईचारा का दीप को जलाया गया।
वही शुशील कुमार ने आये हुवे तमाम अतिथियों का स्वागत किया और आभार प्रकट करते हुवे कहा कि आज होली के दिन कपड़ा वितरण कर जो खुशी दिए है वो कभी भुलाई नही जा सकती हकीकत में इसे ही कहते है असली होली जिसमे भाईचारा और मोहब्बत हो।

जनाब मो आफताब जी सभी ग्रामीणों का शुक्रिया कहते इस कार्यक्रम को समाप्त किया।
इस कार्य मे सत्यम सुमन, दिनेश भगत, रौशन सैनी, अनिता कुमारी, शुशील बाबू, उमेश भगत, शहाना कुरैशी, मो अमजद, मो शहाबुद्दीन, मो हाशिब, मो शाहनवाज, मो शाकिब, संतोष कुमार, नाज़नीं बानो, अख्तरी खातून और गौतम भारती ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here