1 दिन के विवादित मंत्री मेवालाल का निधन,कोरोना की वजह से पारस अस्पताल में मौत

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जदयू नेता और नीतीश कैबिनेट में एक दिन के लिए शिक्षा मंत्री रहे मेवालाल चौधरी का निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह करीब 4:30 में उन्होंने अंतिम सांस ली। मुंगेर के तारापुर से मेवालाल विधायक थे। कृषि विवि के वीसी रहते नियुक्तियों में गड़बड़ी से वे चर्चा में आए थे। इस वजह से ही उन्हें शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। मेवालाल चौधरी तारापुर में संक्रमित हुए थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 13 अप्रैल को पटना में भर्ती हुए थे।

आस-पास कई VVIP का आवास

मेवालाल के दो बटे हैं, जो विदेश में रहते हैं। बड़ा बेटा रवि प्रकाश अमेरिका में रहता है। जबकि दूसरा बेटा मुकुल भास्कर ऑस्ट्रेलिया में रहता है। उनके घर पर अभी कोई नहीं है। वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। मेवालाल चौधरी राजवंशी नगर हॉस्पिटल के पास रहते थे। उनके आस-पास कई IAS-IPS का आवास है। यह इलाके की गिनती VVIP होती है। आवास के पास ही पूर्व मंत्री और JDU के विधान पार्षद नीरज कुमार और BJP विधान पार्षद नवल किशोर यादव रहते हैं। यहां से कुछ ही दूरी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार का भी घर है।

इन्होंने जताया शोक

मेवालाल चौधरी के निधन पर गन्ना मंत्री प्रमोद कुमार ने शोक जताया है। पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने भी श्रद्धांजलि दी है। मेवालाल CM नीतीश कुमार के भी काफी करीबी थे। इनकी पत्नी भी विधायक थी। 2 साल पहले घर में ही जलने से उनकी मौत हो गई थी।

पत्नी नीता चौधरी की ऐसे हुई थी मौत

27 मई 2019 को पूर्व विधायक नीता चौधरी की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थीं। तारापुर की पूर्व विधायक नीता चौधरी सोई में सिलेंडर फटने से बुरी तरह झुलस गई थी। उन्हें बचाने के क्रम में पति व वर्तमान जदयू विधायक मेवालाल चौधरी भी झुलस गए। दोनों को देर रात भागलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। अगले दिन उन्हें PMCH रेफर कर दिया गया था। यहां के बर्न वार्ड में इलाज के बाद दोनों को दिल्ली भेजा गया था। एयर एंबुलेंस से दोनों को दिल्ली रवाना कर दिया गया, जहां सफरगंज अस्पताल में नीता चौधरी की मौत हो गई थी।

भास्कर को मिली थी तारापुर थाने से यह जानकारी

मेवालाल चौधरी के मंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद 17 नवंबर को भास्कर ने मुंगेर के तारापुर थाने में फोन किया था। पत्नी नीता चौधरी की मौत के मामले में थानेदार ने बताया था कि 27 मई 2019 को मेवालाल की पत्नी नीता चौधरी किचन में थीं। इसी दौरान आग लगने से वो बुरी तरह झुलस गईं। 2 जून को उनकी मौत हो गई। पत्नी को बचाने के चक्कर में मेवालाल का हाथ भी बुरी तरह झुलस गया था। थानेदार ने यह भी बताया था कि नीता दूध उबालने गई थीं। गैस का पाइप रिसने से आग लग गई। घटना रात 8 से 9 बजे के बीच हुई थी। थाने ने अननैचुरल डेथ (UD) का केस दर्ज किया गया है। दरअसल, VRS ले चुके IPS अमिताभ कुमार दास ने इस मामले को लेकर बिहार के DGP एसके सिंघल को लिखा था। इसमें मांग की गई थी कि मेवालाल की पत्नी की मौत के मामले में SIT जांच कराई जाए।

पदभार संभालने के ढाई घंटे के भीतर इस्तीफा

मेवालाल चौधरी ने पिछले साल 16 नवंबर को मंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन चार्ज संभालने के ढाई घंटे के भीतर ही उनको इस्तीफा देना पड़ा था। साल 2010 में जब वे बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कुलपति थे, तब उन पर भर्ती घोटाले का आरोप लगा था। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि मुझ पर कोई चार्जशीट नहीं है। जिन लोगों ने बदनाम करने की साजिश रची है, उन्हें 50 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस भेजेंगे। हालांकि, पटना हाईकोर्ट के पूर्व जज एसएमएम आलम की जांच कमेटी के सामने मेवालाल ने कबूल किया था कि उन्होंने नियुक्तियों में पक्षपात किया है और उन्होंने उम्मीदवारों के लिए रिमार्क्स, वायवा और एग्रीगेट कॉलम खुद भरा था। यह घोटाला तब सामने आया था, जब राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) में फेल हुए 30 से ज्यादा उम्मीदवारों का चयन किया गया था।

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