CM नीतीश बोले- बिहार में संक्रमण दर तेज, 17 को करेंगे लॉकडाउन पर फैसला

0
508
Share

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने पटना के NMCH अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाने का निर्देश जारी कर दिया है। साथ ही गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMCH) गया को भी कोविड अस्पताल में तब्दील करने का निर्देश दे दिया है। NMCH पटना की क्षमता 150 बेड की है, जबकि ANMCH की क्षमता 110 बेड की है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन पर फैसला 17 अप्रैल की बैठक में होगा।

IGIMS में भी 50 बेड होगा कोरोना मरीजों के लिए

PMCH के बाद अब IGIMS में कोरोना के मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इसके साथ ही NMCH को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाने की बात कही है। पिछले साल संक्रमण बढ़ने के बाद भी इस अस्पताल को डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल बनाया गया था। साथ ही गया के ANMCH को कोविड अस्पताल बनाने का निर्देश दिया गया है। डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल बनाने का मतलब है कि इन अस्पतालों में अब केवल कोरोना मरीजों का ही इलाज होगा। पटना NMCH में कुल 150 बेड हैं, वहीं ANMCH गया में 110 बेड हैं। IGIMS में भी 50 बेड कोरोना मरीजों के लिए दिया गया है। इन तीनों अस्पतालों को मिलाकर कुल 310 बेड अब कोरोना मरीजों के लिए बिहार में बढ़ गए हैं। AIIMS पटना में पहले से ही कोरोना का इलाज हो रहा है, लेकिन यहां बेड पहले से फुल हो चुके हैं, लिहाजा स्वास्थ्य विभाग अब अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने में लगी है।

17 अप्रैल का दिन अहम

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17 अप्रैल के दिन को अहम बताया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की अध्यक्षता में होनेवाली सर्वदलीय बैठक में विचार-विमर्श कर आगे के निर्णयों पर फैसला लिया जाएगा। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या बिहार में नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन लगाया जा सकता है? इस पर CM ने साफ कहा कि 17 अप्रैल की बैठक में यह भी तय होगा कि बिहार में कोरोना की रोकथाम के लिए अब कौन-से कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने माना कि बिहार में संक्रमण दर तेज है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन और टेस्टिंग को जरूरी मानते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस पर लगातार काम कर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here